लॉकडाउन के दौरान गरीब जनता को कोई समस्या ना आए इसको ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना की शुरुआत की थी। इसके अंतर्गत गरीबों को मुफ्त राशन की योजना को नवंबर तक के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बढ़ा दिया है। इस योजन के तहत गरीबों को पांच किलो मुफ्त गेंहू या चावल और एक किलो चना दिया जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस योजना को नवंबर तक लागू करने में 90 हजार करोड़ का अतिरिक्त खर्च आएगा। उन्होंने बताया कि योजना जब से शुरू हुई है तब से नवंबर तक इसमें डेढ़ लाख करोड़ तक का खर्च आएगा।
भारत सरकार ने कोरोना महामारी का मुकाबला करने के लिए देश भर में 80 करोड़ गरीबी रेखा से नीचे लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए दुनिया की सबसे बड़ी खाद्य सुरक्षा स्कीम को मंजूरी दी थी।लॉकडाउन की घोषणा 25 मार्च को की गई थी। उसके अगले दिन 26 मार्च को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विभिन्न प्रकार की योजनाओं को प्रधानमंत्री जन कल्याण योजना के अंतर्गत आरंभ किया था। योजना के सफल कार्यान्वयन के लिए केंद्र सरकार द्वारा 1.70 करोड़ की धनराशि आवंटित की गई थी। अब इस योजना का विस्तार नवंबर तक कर दिया गया है।
कुल 1.70 लाख करोड़ रुपये के पैकेज के तहत सरकार ने गरीबों को मुफ्त में राशन, महिलाओं और गरीब वरिष्ठ नागरिकों तथा किसानों को नकद सहायता देने आदि का एलान किया था। इसमें पीएम किसान स्कीम के तहत आठ करोड़ किसानों के खाते में सीधे रकम ट्रांसफर हुई है।
बीते तीन महीनों में 20 करोड़ गरीब परिवारों के जनधन खातों में सीधे 31 हजार करोड़ रुपये जमा हुए हैं। इस दौरान नौ करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में 18 हजार करोड़ रुपये जमा हुए है।
पीएम मोदी ने मंगलवार को अपने संबोधन में कहा कि देश हो या व्यक्ति, समय पर फैसले लेने से, संवेदनशीलता से फैसले लेने से, किसी भी संकट का मुकाबला करने की शक्ति बढ़ जाती है। इसलिए, लॉकडाउन होते ही सरकार, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना लेकर आई।