केरल में कोरोना को लेकर राज्य की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने शनिवार को जनता को आगाह किया। उन्होंने कहा कि केरल अभी कोविड-19 की दूसरी लहर से मुक्त नहीं हुआ है, इसलिए लोगों को संक्रमण फैलने से रोकने और तीसरी लहर के खतरे से बचाव के लिए अतिरिक्त रूप से सतर्क रहना चाहिए।
तीसरी लहर से निपटने की तैयारियों की समीक्षा के लिए बुलाई गई एक विशेष बैठक में मंत्री जॉर्ज ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि केरल की आधी आबादी के वायरस से संक्रमित होने की आशंका है। बेहद संक्रमित डेल्टा वैरिएंट की मौजूदगी को देखते हुए सतर्क रहना बेहद जरूरी है। बैठक के बाद जारी सरकारी विज्ञप्ति में यह बात कही गई है। वीना जॉर्ज ने कहा कि लोगों को मास्क पहनने, शारीरिक दूरी बनाए रखने, अधिकांश आबादी के टीकाकरण तक सामाजिक दूरी बनाए रखने जैसी ऐहतियात बरतना जरूरी है।
टीकाकरण के पहले तीसर लहर आई तो मुश्किल होगी
स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने कहा कि यदि राज्य के सभी लोगों के टीकाकरण के पहले तीसरी लहर आई तो संक्रमण गंभीर हो जाएगा और अस्पतालों में भर्ती करने की बहुत ज्यादा जरूरत पड़ेगी। उन्होंने कहा कि यदि वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो जाएं तो टीकाकरण युद्ध स्तर पर हो सकता है। हालांकि टीकाकरण के बाद भी सतर्कता व सावधानी बरतना जरूरी है।
तैयारियों की समीक्षा बैठक में तीसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की उपलब्धता व इलाज सुविधाओं को लेकर भी विचार किया गया। यह भी तय किया गया कि ऑक्सीजन उत्पादन इकाइयों की स्थापना के लिए केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं के फंड, सीएसआर व स्वेच्छिक संगठनों के चंदे के भी इस्तेमाल का निर्णय लिया गया।
केंद्र ने भेजी टीम
केरल में संक्रमण के लगातार सामने आ रहे मामलों में तेजी से उछाल आया है जिसके चलते केंद्र ने तत्काल उच्च स्तरीय टीम को रवाना किया है। दिल्ली से पहुंची छह सदस्यीय टीम में नेशनल सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल (एनसीडीसी) के निदेशक डॉ. सुजीत कुमार सिंह को अध्यक्ष बनाया है।
37 फीसदी सक्रिय मरीज केरल के
टीम राज्य में बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए जरूरी दिशा-निर्देश भी देगी। टीम अपनी पूरी रिपोर्ट राज्य और केंद्र सरकार दोनों के साथ साझा करेगी। आंकड़ों का हवाला देते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि देश के कुल सक्रिय मामलों में 37.1 फीसदी हिस्सेदारी केरल की है। यहां 1.54 लाख से अधिक मरीजों का इलाज चल रहा है।
संक्रमण दर करीब 13 फीसदी
बीते सात दिन में यहां सक्रिय मामलों में 1.41 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली है। अगर रोजाना संक्रमित मिलने वाले औसतन नए मरीजों की बात करें तो इनकी संख्या 17,443 है जबकि संक्रमण दर 12.93 फीसदी तक पहुंच गई है। जबकि साप्ताहिक संक्रमण दर 11.97 फीसदी है। केरल के छह जिलों में फिलहाल ऐसी स्थिति है कि यहां रोजाना 10-10 फीसदी से ज्यादा सैंपल कोरोना संक्रमित मिल रहे हैं।