पश्चिम बंगाल बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने बाल तस्करी से मुक्त हुए 12 वर्षीय एक बच्चे को अध्यक्ष बनाया। अध्यक्ष बनने के बाद बच्चा बेहद खुश नजर आया। इस दौरान बच्चे ने सरकार से कुछ मांगें भी रखीं।
पश्चिम बंगाल बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने बाल तस्करी से मुक्त हुए 12 वर्षीय एक बच्चे को आयोग का अध्यक्ष बनाया। अध्यक्ष बनने के बाद बच्चा बेहद खुश नजर आ रहा था। हालांकि, आयोग ने एक घंटे के लिए उसे इस पद पर बैठाया था। इस दौरान उसने कई अहम फैसले भी लिए।
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बच्चे ने पश्चिम बंगाल महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण मंत्री शशि पांजा से बाल श्रम के तस्करों और अपराधियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की। बच्चे ने मंत्री को पत्र लिखकर बाल श्रम के तस्करों से जुर्माना वसूलने की भी मांग की और उसे पीड़ितों की शिक्षा पर सारा खर्च करने की बात कही। बच्चे ने यह भी मांग की कि लोगों में कानून का डर पैदा करने के लिए एक सख्त बाल श्रम कानून बनाने की जरूरत है। साथ ही छोटे-छोटे बच्चों के लिए अधिक पार्क और खेल मैदानों को बनाने की आवश्यकता है।
बड़ा होकर कमांडो बनने की इच्छा
इस दौरान बच्चे ने अपने भविष्य के बारे में भी जानकारी साझा की। बतौर अध्यक्ष पद पर तैनात बच्चे ने कहा कि वह बड़ा होकर कमांडो बनना चाहता है और संकट में फंसे सभी बच्चों को बचाना चाहता है।