विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कुछ दिन पहले लोगों को आगाह करते हुए कहा था कि कोरोना के बारे में चिंता और घबराहट बढ़ाने वाली खबरों से दूर रहें। कोरोना के कारण लोगों को नींद नहीं आ रही है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 12 फीसदी भारतीयों को कोरोना के डर के कारण नींद नहीं आ रही है। इसके अलावा लॉकडाउन और कोरोना की वजह से लोगों में अवसाद की शिकायतें सामने आ रही हैं। बता दें कि भारत में सामान्य स्थिति में भी 7.5 फीसदी लोग मानसिक रोगी हैं जिनमें से बहुत ही कम लोगों को इलाज मिल पाता है।
लॉकडाउन और कोरोना की वजह से सिर्फ भारत के लोग ही अवसादग्रस्त नहीं हो रहे हैं, बल्कि अमेरिका और ब्रिटेन में भी ऐसे लोगों की संख्या बढ़ी है। ब्रिटेन में लॉकडाउन के कारण कमाई ना होने से 35 साल से कम उम्र के बहुत सारे लोग अवसाद से पीड़ित हो गए हैं। ब्रिटेन में करीब 38 फीसदी लोग तनाव में हैं और 36 फीसदी लोगों को किसी-ना-किसी बात को लेकर घबराहट हो रही है।
बता दें कि लॉकडाउन से पहले यही आंकड़ा 16 और 17 फीसदी था। सर्वे में यह भी सामने आया है कि कोरोना के कारण 45 फीसदी अमेरिकियों की मानसिक स्थिति बिगड़ी है, जबकि 61 फीसदी पुरुषों और 77 फीसदी महिलाओं में कोरोना के कारण डर पैदा हो गया है।