कोरोना वायरस के डेल्टा प्लस वैरिएंट को लेकर तमाम खबरें अब तक सामने आ चुकी हैं। कई खबरों में डेल्टा प्लस वैरिएंट बेहतर खतरनाक और संक्रामक बताया गया, लेकिन कोविड टास्क फोर्स की पड़ताल में इसका खंडन कर दिया गया। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कोरोना वायरस के डेल्टा प्लस स्वरूप को लेकर भयावह खबरें आ रही हैं, लेकिन वह उतना खतरनाक नहीं है। कोरोना वायरस और उसके संक्रमण पर नजर रखने वाली नेशनल कोविड टास्क फोर्स की पड़ताल में सामने आया कि वायरस का यह स्वरूप न तो बहुत तीव्रता से लोगों को संक्रमित करता है और न ही इससे जान जाने का खतरा है। टास्क फोर्स की टीम ने अपनी रिपोर्ट केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से भी साझा की है। वहीं, देश में वायरस को लेकर जांच करने वाली एजेंसी के साथ अगला शोध भी शुरू कर दिया।