देश में कोरोना वायरस से जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को मुआवजा देने के मामले में सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा है। इस बीच, सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि कोरोना वायरस से पीड़ित लोगों को सरकार 'कोरोना केयर फंड' के तहत 4,000 रुपये की सहायता राशि दे रही है। आइए बताते हैं कि इस दावे का पूरा सच क्या है, क्या सरकार कोरोना पीड़ितों को चार-चार हजार रुपये सहायता राशि के तौर पर दे रही है?
देश में कोरोना महामारी शुरू से लेकर अब तक अनगिनत अफवाहों का बाजार गर्म रहा है। फिर वो चाहे धूप से कोरोना संक्रमण होने का हो या फिर गोबर लपेटने से कोरोना भगाने का हो, जबकि इन दावों का विज्ञान की दृष्टि से कोई लेना देना नहीं था। वहीं इन दिनों सोशल मीडिया पर एक संदेश तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कहा गया है कि सरकार कोविड राहत योजना के तहत कोरोना केयर फंड से सभी को चार-चार हजार रुपये दे रही है। सहायता राशि पाने के लिए यहां आवेदन करें। इस संदेश के साथ एक फॉर्म का लिंक भी दिया गया है।
पीआईबी के अधिकारिक फैक्ट चेक ट्विट हैंडल ने इस दावे को गलत बताते हुए खारिज किया हैं। पीआईबी फैक्ट चेक ने वायरल संदेश को ट्वीट किया। इसके साथ लिखा, सोशल मीडिया संदेश में दावा किया जा रहा है कि भारत सरकार 'कोरोना केयर फंड योजना' के तहत सभी को 4,000 की सहायता राशि प्रदान कर रही है। पीआईबी फैक्ट चेक ने कहा कि यह दावा पूरी तरह फर्जी है। भारत सरकार की ओर से ऐसी कोई योजना नहीं चलाई जा रही है।