पश्चिम बंगाल में शुक्रवार को 860 नए मामले सामने आने पर कोविड-19 से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 16,02,446 हो गई। एक ओर जहां 860 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई, वहीं दूसरी ओर 14 लोगों की मौत भी दर्ज की गई। इसके साथ ही राज्य में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या 19,294 हो गई है। उधर, असम सरकार ने महिला कर्मचारियों को दी गई रियायत वापस ले ली है।
जानकारी के अनुसार, प्रदेश में शुक्रवार को कोलकाता में सबसे अधिक 233 नए मामले दर्ज किए गए, इसके बाद उत्तर 24 परगना जिले में 148 मामले दर्ज हुए। राज्य के 23 जिलों में से केवल इन दो जिलों में तीन अंकों के आंकड़े दर्ज किए गए।
उत्तर 24 परगना जिले में पांच ताजा मौतें दर्ज की गई हैं, जबकि कोलकाता में चार और पूर्व बर्धमान जिले में दो और मौतें दर्ज हुई हैं। उत्तर 24 परगना जिले में पांच ताजा मौतें दर्ज की गई हैं, जबकि कोलकाता में चार और पूर्व बर्धमान जिले में दो और मौतें दर्ज हुई हैं।
राज्य में अभी 8,000 सक्रिय मामले हैं, जबकि पिछले 24 घंटों में 819 मरीजों के ठीक होने के साथ ही अब तक कुल 15,75,152 लोग इस बीमारी से उबर चुके हैं। पश्चिम बंगाल ने पिछले 24 घंटों में लिए गए 41,113 नमूनों सहित कोविड-19 के कुल 1.96 करोड़ से अधिक नमूनों का परीक्षण किया है।
असम : कार्यालय जाने से छूट वापस ली गई
असम सरकार ने कोविड-19 की स्थिति में हुए सुधार के मद्देनजर शुक्रवार को महिला कर्मचारियों को कार्यालय जाने से दी गई छूट वापस ले ली। यह रियायत उन महिलाओं को दी गई थी जो गर्भवती हैं या फिर जिनके बच्चे तीन साल से कम उम्र के हैं। सरकार ने रियायत वापस लेने के संबंध में आदेश जारी किया है।
राज्य में कोविड-19 टीकाकरण के तहत पात्र आबादी के 95 प्रतिशत लोगों को पहले ही पहली खुराक लगाई जा चुकी है। इसी वजह से सरकार ने सभी कर्मचारियों की उपस्थिति अनिवार्य करने के लिए यह आदेश पारित किया है।
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) की राज्य कार्यकारी समिति के अध्यक्ष के रूप में मुख्य सचिव जिष्णु बरुआ के हस्ताक्षर वाले इस आदेश में कहा गया है कि गर्भवती महिला कर्मचारियों और 3 साल या उससे कम उम्र के बच्चों वाली महिला कर्मचारियों जो किसी भी सरकारी/सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम/वित्तीय संस्थानों/निजी संगठनों के तहत कार्यरत हैं; के लिए दी गई रियायत को वापस ले लिया गया है।
इसमें आगे कहा गया है कि सरकारी कर्मचारी, चाहे वह संविदा पर हों या स्थायी, केवल अधिकृत अवकाश पर रहने वालों को छोड़कर अन्य सभी को कार्यालय में उपस्थित होना होगा। आदेश में कहा गया है कि यह निर्णय राज्य में समग्र परिदृश्य में हुए काफी सुधार के मद्देनजर लिया गया है। प्रदेश में करीब 31 फीसदी पात्र आबादी को वैक्सीन की दोनों खुराक लगाई जा चुकी हैं।
सरकार ने 20 अप्रैल 2021 को पांच साल से कम उम्र के बच्चों वाली महिलाओं और गर्भवतियों को घर से काम करने की रियायत दी थी। हालांकि इस रियायत को 17 अगस्त को संशोधित कर बच्चों की उम्र का मानक घटाकर तीन साल कर दिया गया था। परंतु अब इस रियायत को पूरी तरह से वापस ले लिया गया है।