शीर्ष वैक्सीनोलॉजिस्ट गगनदीप कांग ने शुक्रवार को कहा कि जब तक कोरोना वायरस का कोई नया रूप नहीं आता, तब तक देश में तीसरी लहर नहीं आएगी। उन्होंने बेहतर टीकों को विकसित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया, जो नए रूपों से निपट सकते हैं और नियामक तंत्र को मजबूत कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जब तक कोई नया वैरिएंट नहीं आता, तब तक वैसे हालात नहीं बनेंगे, जो हमने दूसरी लहर के दौरान देखे थे। हम जो उतार-चढाव देखेंगे, वह ऐसे इलाकों में होंगे, जहां असुरक्षित आबादी है और जहां वायरस पहले नहीं था। बता दें कि मार्च से मई के बीच देश में कोरोनावायरस की दूसरी लहर ने हजारों लोगों की जान ले ली थी और लाखों लोगों को संक्रमित किया था। इससे देश में स्वास्थ्य का बुनियादी ढांचा चरमरा गया था।
विशेशज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने को कहा
देश में कोरोना के घटते-बढ़ते मामलों के बीच विशेषज्ञों ने महामारी की तीसरी लहर को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में कई त्योहार हैं। ऐसे में लोगों का कोरोना प्रोटोकॉल मानना बहुत जरूरी है। विशेषज्ञों का मानना है कि तीसरी लहर के संबंध में कोरोना वायरस का एक नया वैरिएंट घातक साबित हो सकता है, क्योंकि त्योहारों के सीजन में लोगों की भीड़ में इसके तेजी से फैलने की आशंका होगी।
त्योहारों के सीजन में सतर्कता की दरकार
टीकाकरण पर राष्ट्रीय तनकीकी सलाहकार समूह के कोविड-19 कार्यसमूह के अध्यक्ष डा. एनके अरोड़ा ने कहा कि पिछले कुछ महीनों से तेजी से हो रहे टीकाकरण और कोरोना के किसी नए वैरिएंट के सामने नहीं आने के बाद हालात फिलहाल काबू में हैं। अब तीसरी लहर को लेकर सबसे बड़ा खतरा त्योहारों के सीजन में होगा। अगर लोग त्योहारों के दौरान कोरोना प्रोटोकॉल का पालन नहीं करेंगे, तो हालात फिर से बिगउ़ सकते हैं।