ब्रिटेन में कोरोना वायरस का नया प्रकार सामने आने के बाद भारत सहित कई देशों ने एहतियाती और जरूरी कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। कई देशों ने ब्रिटेन से आने और वहां जाने वाली उड़ानों पर रोक लगा दी है। भारत सरकार ने भी ब्रिटेन से आने वाले विमानों पर 23 से 31 दिसंबर तक रोक लगा दी है। नागर विमानन मंत्रालय ने कहा कि कोरोना वायरस का नया स्वरूप सामने आने के मद्देनजर 23 से 31 दिसंबर तक ब्रिटेन से भारत आने-जाने वाली उड़ानें स्थगित रहेंगी। भारत के अलावा कनाडा, तुर्की, बेल्जियम, इटली और इजराइल समेत कुछ अन्य देशों ने भी ब्रिटेन से आने-जाने वाली उड़ानों पर रोक लगा दी है।
मुंबई में यात्रियों को रोका
देर रात ब्रिटेन से मुंबई पहुंचे यात्रियों को क्वारंटीन में भेज दिया गया। इन्हें लेने आए इनके संबंधियों ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को इस बारे में पहले बताना चाहिए था। क्या यात्रियों के अधिकारियों से अनुमति के बाद विमान में बैठने की इजाजत नहीं मिली थी?
मंगलवार तक ब्रिटेन से आने वाले यात्रियों का एयरपोर्ट पर उतरते ही आरटी-पीसीआर टेस्ट किया जाएगा और रिपोर्ट आने तक उन्हें वहीं रुकना पड़ेगा। इस बीच, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कहा कि नया स्ट्रेन मिलने को लेकर सरकार पूरी तरह सतर्क है। लोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं है।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने सोमवार को कहा, ब्रिटेन की मौजूदा स्थिति को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने 22 दिसंबर रात 11.59 बजे के बाद से 31 दिसंबर रात 11.59 मिनट तक ब्रिटेन से आने वाली और वहां जाने वाली सभी उड़ानों को रद्द करने का फैसला किया है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को सभी एयरपोर्ट पर हेल्प डेस्क बनाने का निर्देश दिया है। भूषण ने कहा, एयरपोर्ट पर यात्रियों की जांच की जाएगी। रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर यात्री को तत्काल क्वारंटीन सेंटर या अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा। वहीं, रिपोर्ट निगेटिव आने के बावजूद यात्रियों को सात दिन घर पर क्वारंटीन रहना होगा। इसकी निगरानी संबंधित राज्य या जिला प्रशासन करेगा। भूषण ने कहा, ब्रिटेन के कुछ क्लस्टर इलाकों में कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन बी.1.1.7 पाया गया है। यह तेजी से प्रसारित होने वाला स्ट्रेन है। इसकी वजह से संक्रमण की प्रोटीन संरचना में तेजी से आनुवांशिक बदलाव भी दर्ज किए गए हैं।
भारत में स्थिति नियंत्रण में: हर्षवर्धन
नए स्ट्रेन को लेकर संयुक्त निगरानी समूह की बैठक के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, भारत में स्थिति नियंत्रण में हैं। संक्रमण के नए रूप को देश में आने से रोकने के लिए पर्याप्त कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार हर चीज को लेकर पूरी तरह अलर्ट है। बीते एक साल में सरकार ने हर वह काम किया है, जो कोविड-19 पर काबू पाने के लिए जरूरी था। वैज्ञानिक समुदाय ने इससे निपटने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
कनाडा, जर्मनी समेत कई देश लगा चुके हैं प्रतिबंध
भारत से पहले फ्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड, बेल्जियम, ऑस्ट्रिया, इटली, तुर्की, कनाडा और इजराइल भी ब्रिटेन आने जाने वाली उड़ानों पर रोक लगा चुके हैं। ब्रिटिश सरकार ने चेतावनी दी थी कि वायरस का नया स्ट्रेन नियंत्रण से बाहर है। यह मौजूदा स्ट्रेन से 70 फीसदी ज्यादा तेजी से फैलता है। लंदन और दक्षिण इंग्लैंड में तेजी से बढ़ते मामलों के बाद ब्रिटेन ने रविवार से लॉकडाउन लगाने का फैसला किया था।
फ्रांस में भी बढ़ा खतरा
फ्रांस में कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन का खतरा बढ़ गया है। स्वास्थ्य मंत्री ओलिवियर वेरान ने सोमवार को कहा कि इस आशंका को खारिज नहीं किया जा सकता कि कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन पहले ही उनके देश में फैल चुका हो। हालांकि जीनोटाइप टेस्ट नतीजों में अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि देश में खतरा नहीं है। अब तक हम 500 से ज्यादा वायरस स्ट्रेन की जांच कर चुके हैं, लेकिन ब्रिटेन में मिले स्ट्रेन की पुष्टि नहीं हुई है। इस बीच, दक्षिण अफ्रीका ने 501.वी 2 के रूप में पहचाने गए नए स्ट्रेन की पुष्टि की है, जिससे वहां संक्रमण तेजी से बढ़ा है।