केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, भारत में कोरोना संक्रमितों के मामलों की कुल संख्या 918 पहुंच गई है। शनिवार को 179 ताजे मामले दर्ज किए गए, जो एक दिन में अब तक की सबसे बड़ी वृद्धि है, जबकि मरने वालों की संख्या बढ़कर 19 हो गई।
कोरोना वायरस से महराष्ट्र में पांच, कर्नाटक में दो, मध्यप्रदेश में 2 और तमिलनाडु, बिहार, पंजाब, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, जम्मू और कश्मीर और हिमाचल प्रदेश से एक-एक मौत हुई है। आंकड़ों में कहा गया है कि 918 मामलों में 47 विदेशी नागरिकों के मामले भी शामिल हैं। वही, 79 लोगों या तो ठीक हो गए हैं या उन्हें छुट्टी दे दी गई थी और एक ने पलायन किया है।
वहीं, महाराष्ट्र में 85 वर्षीय एक डॉक्टर की मौत के बाद उनके वायरस से संक्रमित होने की शनिवार को पुष्टि हुई। इसके साथ राज्य में संक्रमण से मरने वाले लोगों की संख्या बढ़ कर छह हो गई। डॉक्टर की शुक्रवार को मौत हुई थी।
उन्हें 26 मार्च को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह पहले से ही मधुमेह से पीड़ित थे और अस्पताल के अनुसार उनके हृदय में एक पेसमेकर लगा हुआ था। अस्पताल ने यह जानकारी दी।
हालांकि,उन्होंने हाल फिलहाल कोई विदेश यात्रा नहीं की थी, लेकिन वह ब्रिटेन से लौटे एक करीबी रिश्तेदार के संपर्क में आए थे। एक निजी प्रयोगशाला की की जांच रिपोर्ट में उनके संक्रमित होने की पहले ही पुष्टि हो चुकी थी। हालांकि, बृहन्मुंबई महानगरपालिका ने शनिवार को संक्रमण की पुष्टि की।
गुजरात में कोरोना वायरस संक्रमण से एक महिला की मौत, अब तक कुल चार लोगों की मौत
कोरोना वायरस संक्रमण के चलते 46 वर्षीय एक महिला की यहां शनिवार को सरदार वल्लभभाई पटेल अस्पताल में मौत हो गई, जिससे गुजरात में इस महामारी से मरने वालों की संख्या बढ़ कर अब चार हो गई है। अस्पताल ने एक बयान में कहा कि महिला को 26 मार्च को टेस्ट में पॉजिटिव पाया गया था और तब से वह वेंटिलेटर पर थी। उसे उच्च रक्तचाप और मधुमेह भी था।
इससे पहले, गुरूवार को भावनगर में 70 वर्षीय एक बुजुर्ग की कोविड-19 के कारण मौत हो गई। अहमदाबाद और सूरत में भी एक-एक मौत हुई है। प्रदेश में अभी तक कोरोना वायरस के 53 पॉजिटिव मामले पाए गए हैं।
तेलंगाना में कोरोना वायरस से पहली मौत
तेलंगाना के स्वास्थ्य मंत्री ई राजेंद्र ने बताया कि राज्य में कोरोना वायरस से 74 साल के शख्स की मौत हो गई है। दो दिन पहले उनकी मौत के बाद नमूने लिए गए थे जिनकी शनिवार को आई रिपोर्ट में बुजुर्ग के घातक विषाणु से संक्रमित होने पुष्टि हुई।
राजेंद्र ने बताया कि व्यक्ति हाल में दिल्ली गए थे और उन्हें 20 मार्च से सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। वह 26 मार्च को अपने घर में बेहोश हो गए थे जिसके बाद उन्हें यहां के एक अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था।
मंत्री ने बताया कि उनकी मौत के बाद हमें मालूम हुआ कि वह कोरोना वायरस से संक्रमित थे।