Cyrus Poonawalla (File Photo)
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डॉ. सायरस पूनावाला पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) के चेयरमैन हैं। यह देश की सबसे सर्वश्रेष्ठ बायोटेक कंपनी होने के साथ दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीन उत्पादक कंपनी भी है। इनका ध्येय है ‘गुणवत्ता से समझौता नहीं, सभी स्वस्थ रहें इसलिए सस्ता टीका’। डॉ. सायरस ने पुणे के बृहन महाराष्ट्र कॉलेज ऑफ कॉमर्स से शिक्षा ली, पुणे विश्वविद्याल से ‘बेहतर तकनीक से विशेष एंटी-टॉक्सिनन्स निर्माण और समाज पर प्रभाव’ विषय से पीएचडी की।
घोड़ा पालन से आया विचार...
सायरस के पिता घोड़ा पालन का काम करते थे। 20 साल की उम्र में उन्हें आभास हुआ कि इस काम में उनका भविष्य नहीं है। सायरस ने सभी घोड़ों को सरकारी हॉफकिन इंस्टीट्यूट को बेच दिया, जो घोड़ों के सीरम से टीका तैयार करता था। यहीं से उन्हें सीरम निर्माण क्षेत्र में काम करने का विचार आया और पिता को रजामंद कर 1966 में संस्थान की शुरुआत की।
टिटनस, डिप्थीरिया और सर्पदंश से बचाव का टीका
सीरम संस्थान हर साल 1500 करोड़ टीके का उत्पादन कर रहा है जो पूरे विश्व में काम आते हैं। यहां स्थापना के दो वर्ष बाद ही एंटी-टिटनस सीरम लॉन्च किया गया और अगले दो वर्ष में इसके टीके का उत्पादन शुरू कर दिया। डिप्थेरिया से बचाव का टीका 1974 में और सर्पदंश से बचाव का टीका 1981 में बनाया गया।
अदार पूनावाला, सीईओ, सीरम इंस्टीट्यूट: वेस्टमिंस्टर विश्वविद्यालय से पढ़ाई। 2001 से काम शुरू किया। उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में लाए। आज 35 देशों को सीरम संस्थान में बने चिकित्सा उत्पाद निर्यात हो रहे हैं। 2011 में कंपनी के सीईओ बने और 2012 में नीदरलैंड की सरकारी वैक्सीन उत्पादक कंपनी बिल्थोवन बायोलॉजिक्स का अधिग्रहण किया। 2014 में मुंह से दिया जाने वाला पोलियो का टीका लॉन्च किया।