गाइडलाइंस में आगाह किया गया है कि 95 फीसदी से अधिक मामलों में कोविड पॉजिटिव मांओं के बच्चों का स्वास्थ्य जन्म के समय बेहतर रहा है, लेकिन कुछ मामलों में देखा गया है कि गर्भवस्था में कोविड संक्रमण के कारण प्री-मैच्योर डिलीवरी की स्थिति बनती है। ऐसे बच्चों का वजन 2.5 किलोग्राम से कम हो सकता है और जन्म से पहले ही यानी गर्भ में ही बच्चे की जान भी जा सकती है।
इन गर्भवती महिलाओं को संक्रमण का अधिक खतरा
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि जिन गर्भवती महिलाओं की उम्र 35 साल से अधिक है, जिनका वजन भी अधिक है और जिन्हें डायबिटीज या हाई बल्ड प्रेशर की समस्या है, उन्हें कोविड-19 संक्रमण का खतरा अधिक है। गाइडलाइंस में यह भी कहा गया है कि अगर महिला गर्भावस्था के दौरान कोविड-19 की चपेट में आकर उससे उबर चुकी है तो वह थोड़ा इंतजार कर सकती है। लेकिन डिलीवरी के तुरंत बाद उसे वैक्सीन लगवा लेनी चाहिए।