कोरोना का टीका लगवाने वाले लोगों में त्वचा संबंधी दुष्प्रभाव भी देखने को मिल रहा है। टीका लगने के बाद त्वचा में सूजन तो कुछ लोगों की त्वचा पर चकत्ते देखने को मिला है। हालांकि ऐसे मामलों की संख्या बहुत कम है। विशेषज्ञ सीधे इसे टीके का दुष्प्रभाव मानने से कतरा रहे पर संदेह जरूर कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि टीका लगने के बाद कुछ लोगों में बुखार, शरीर में दर्द और कमजोरी की तकलीफ हो रही है।
इसी तरह बहुत ही कम लोगों में टीकाकरण के बाद त्वचा संबंधी तकलीफ भी देखने को मिल रही है। हालांकि ऐसे लोगों की संख्या बेहद कम है। टीका लगने के बाद कुछ लोगों में ये तकलीफ शुरुआत में ही तो कुछ लोगों को टीका लगने के कुछ सप्ताह बाद हो रही है। हालांकि ऐसे लोगों को टीका लगाने से परहेज नहीं करना चाहिए। दिल्ली के निजी अस्पताल की त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. निधी रस्तोगी का कहना है कि टीका लगने के बाद बहुत कम लोगों में त्वचा संबंधी तकलीफ देखने को मिल रही है। ऐसे मरीजों को टॉपिकल स्टेरॉयड लगाने के लिए दी जा रही है जिसके बाद तकलीफ खत्म हो जाती है।
त्वचा संबंधी रोग तो सतर्क रहें
विशेषज्ञों का कहना है कि पहले से किसी त्वचा संबंधी तकलीफ से ग्रसित व्यक्ति टीका लगवाता है तो उसे अपना विशेष ध्यान रखना होगा। स्किन एलर्जी या त्वचा पर चकत्ते की किसी भी तरह की तकलीफ है और टीका लगने के बाद उसमें बदलाव दिख रहा है तो बिना देर किए डॉक्टरी सलाह लेना चाहिए। लापरवाही या किसी तरह की तकलीफ को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।
त्वचा संबंधी तकलीफ क्यों?
विशेषज्ञों का कहना है कि टीके की डोज जब लगती है तब इम्युन सिस्टम सक्रिय होता है। शरीर वायरस से लड़ने के लिए खुद को तैयार करता है। इम्युन सिस्टम के सक्रिय होने और त्वचा में सूजन के कारण कुछ लोगों की त्वचा पर चकत्ते दिखने लगते हैं। मुंबई की त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. सोनाली कोहली बताती हैं कि टीका लगने के दो तीन सप्ताह बाद बाल झड़ने की तकलीफ लेकर लोग आए हैं जो कुछ दिन में ठीक हो गया।