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कोरोना: 22 जिलों में बढ़ते मामलों ने फिर बढ़ाई सरकार की चिंता, 62 जिलों में रोज 100 से ज्यादा संक्रमित

Tue, 27 Jul 2021 05:30 PM IST
प्रतिभा ज्योति न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली,

सार

देश में कोरोना महामारी को लेकर सरकार अब भी चिंतित दिख रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को अहम जानकारी देते हुए बताया कि कोरोना की दूसरी लहर अभी खत्म नहीं हुई है, इसलिए हमें अभी भी सतर्क रहने की जरूरत है। वहीं नीति आयोग के सदस्य(स्वास्थ्य) डॉ. वीके पॉल ने कहा कि वैक्सीनेशन की भी पूरी गारंटी नहीं है कि यह पूरी तरह से संक्रमण कम करेगी।
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स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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देश में कोरोना महामारी को लेकर सरकार अब भी चिंतित दिख रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को अहम जानकारी देते हुए बताया कि कोरोना की दूसरी लहर अभी खत्म नहीं हुई है, इसलिए हमें सतर्क रहने की जरूरत है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने ताजा आंकड़े पेश करते हुए कहा कि देश के 22 जिले ऐसे हैं जहां चार हफ्तों में कोरोना मामलों में वृद्धि दर्ज की गई है। मंत्रालय ने कहा कि देश में अभी भी 62 जिले ऐसे हैं जहां रोजाना 100 से ज्यादा मामले सामनेआ रहे हैं।

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स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि केरल के सात, मणिपुर के पांच, मेघालय के तीन अरुणाचल प्रदेश के तीन, महाराष्ट्र के दो, असम और त्रिपुरा के एक-एक जिले शामिल है, जहां पिछले चार हफ्तों में मामलों में वृद्धि देखी गई है। उन्होंने कहा इस तरह मामलों का बढ़ना चिंता का विषय है। 

हल्के में नहीं ले सकते: लव अग्रवाल
स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि कोरोना के साप्ताहिक मामलों में लगातार औसत गिरावट  आई है, लेकिन अगर हम मामलों में गिरावट की दर की तुलना पहले से अब करें, तो यह चिंता का विषय बना हुआ है। उन्होंने कहा कि हम इस संबंध में राज्यों के साथ बातचीत कर रहे हैं। हम इसे हल्के में नहीं ले सकते। वैश्विक नजरिए से देखें तो महामारी अभी खत्म नहीं हुई है। दुनिया भर में मामलों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो चिंता का विषय बना हुआ है। हमें सख्ती के साथ वायरस के प्रसार को रोकने पर काम करना होगा। 
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बच्चों के टीकाकरण के लिए तैयारी तेज: लव अग्रवाल
स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि भारत बायोटेक की कोवाक्सिन और जायडस कैडिला के टीके सहित हमारे कुछ अन्य टीकों के लिए क्लिनिकल परीक्षण चल रहे हैं। जैसे ही हमें इन परीक्षणों के संतोषजनक एवं मजबूत परिणाम मिलते हैं, हम विशेषज्ञों के विवेक के आधार पर बच्चों के टीकाकरण पर निर्णय लेंगे।

वैक्सीनेशन भी पूरी गारंटी नहीं है: डॉ. वीके पॉल
नीति आयोग के सदस्य(स्वास्थ्य) डॉ. वीके पॉल ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर अभी खत्म नहीं हुई है। कुछ क्षेत्र चिंता का विषय बने हुए हैं। वैक्सीनेशन की भी पूरी गारंटी नहीं है कि यह पूरी तरह से संक्रमण कम करेगी। ऐसी कोई भी वैक्सीन नहीं  है जिससे कि 100 फीसदी संक्रमण कम हो ही जाएगा। इससे बस बीमारी की गंभीरता और मौत को रोका जा सकता है। 

अध्ययन में कोविशील्ड की वैक्सीन कारगर: डॉ. वीके पॉल 
डॉ. वीके पॉल ने कहा कि एएफएमसी में 15 लाख डॉक्टरों और फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं पर अध्ययन किया गया था, जिन्हें कोविशील्ड की वैक्सीन लगाई गई थी। इससे यह पता चला कि दूसरी लहर के दौरान डेल्टा वेरिएंट से संक्रमण में 93 फीसदी की कमी आई थी और मृत्यु दर में भी   98 फीसदी की कमी देखी गई। 

टीकाकरण प्रमाणपत्र को लेकर स्वास्थ्य सचिव ने दी जानकारी
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि टीकाकरण प्रमाण पत्र केवल ऐसे टीकों के लिए जारी किए जाएंगे जो भारत में आपातकालीन उपयोग के लिए स्वीकृत हैं और केवल ऐसे स्वयंसेवकों को जारी किए जाएंगे जिन्होंने ऐसे टीकों के परीक्षण में भाग लिया।

मॉडर्ना की वैक्सीन पर डॉ. पॉल ने दिया ये जवाब
देश में मॉडर्ना की वैक्सीन की उपलब्धता को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल ने कहा कि हमें एक प्रस्ताव मिला है और उस पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोवाक्सिन का अध्ययन चल रहा है और जायडस कैडिला ने अपने टीके से जुड़े अध्ययन का डाटा दिया है। पॉल ने कहा कि हम बच्चों के लिए बायोलॉजिकल ई, नोवावैक्स जैसी वैक्सीन के अध्ययन को प्रोत्साहित कर रहे हैं।

जायडस कैडिला ने दिया और अधिक डाटा
सूत्रों के अनुसार, अहमदाबाद स्थित जायडस कैडिला ने भारत के ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) को अपनी वैक्सीन से जुड़ा अतिरिक्त डाटा दिया है। इससे पहले दवा नियामक ने फार्मा कंपनी जायडस कैडिला को अधिक डाटा के साथ आने के लिए कहा था। 

सूत्रों ने कहा कि डीसीजीआई और अधिक डाटा मिलने के बाद विशेषज्ञ के साथ बैठक कर आपात इस्तेमाल की मंजूरी देने को लेकर विचार करेगा। अगर आंकड़े संतुष्ट करने पाए जाते हैं तो डीसीजीआई की ओर से अगस्त में अंतिम मंजूरी दी जा सकती है। इससे पहले, सूत्रों ने बताया था कि डाटा की निरंतर समीक्षा की जा रही है और अंतिम मंजूरी में कुछ और दिन लगेंगे।

जायडस कैडिला ने 1 जुलाई को अपनी दवा जायकोव-डी के आपात उपयोग की मंजूरी का अनुरोध किया था, इसकी तीन-खुराक कोविड शॉट- दुनिया की पहली प्लास्मिड डीएनए वैक्सीन है। अगर मंजूरी मिल जाती है तो यह भारत बायोटेक के कोवाक्सिन के बाद देश की दूसरी स्वदेशी वैक्सीन होगी।
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