देश में कोरोना के हालात पर स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने बताया कि 24 जनवरी को देश में दैनिक संक्रमण दर 20.75 फीसदी दर्ज की गई थी। यह अब घटकर 4.44 फीसदी रह गई है। इससे यह पता चलता है कि अब संक्रमण फैलने की दर में काफी कमी आई है। उन्होंने बताया कि चार राज्यों- केरल, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और कर्नाटक में कोरोना के 50,000 से अधिक सक्रिय मामले हैं। 11 राज्यों में 10,000 से 50,000 के बीच सक्रिय मामले हैं।
उन्होंने बताया कि भारत में पिछले एक हफ्ते में औसतन 96,000 के करीब मामले आए हैं। पिछले 24 घंटे में 66,084 नए कोविड मामले दर्ज़ हुए। देश में 7.9 लाख सक्रिय मामले हैं। पिछले चार दिनों से देश में एक लाख से कम मामले दर्ज़ हुए हैं। केरल में सबसे ज्यादा 2,50,000 से अधिक सक्रिय मामले हैं। महाराष्ट्र में 86,000, तमिलनाडु में 77,000 और कर्नाटक में 60,000 के करीब सक्रिय मामले हैं। देश में 61.25 फीसदी सक्रिय मामले अभी इन्हीं चार राज्यों से आ रहे हैं।
इस दौरान नीति आयोग के सदस्य-स्वास्थ्य डॉ. वीके पॉल ने कहा ने कहा कि हमने उनकी महामारी और वायरस के बारे में बहुत कुछ सीखा है, लेकिन दुनिया इस वायरस के बारे में सब कुछ नहीं जानती है। दुनिया को इस वायरस से लड़ने के लिए एकजुट रहना चाहिए और हमारे पास मौजूद उपकरणों का उपयोग करना जारी रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर कोरोना की स्थिति बहुत आशावादी है। हालांकि, केरल, मिजोरम, हिमाचल प्रदेश सहित कुछ राज्यों में अभी भी बड़ी संख्या में मामले सामने आ रहे हैं। हम अपने सतर्कता और सावधानी को कम नहीं कर सकते।
उन्होंने बताया कि पुणे स्थित जेनोवा बायोफार्मास्युटिकल्स द्वारा विकसित किया जा रही भारत की पहली स्वदेशी मैसेंजर आरएनए (एमआरएनए) कोरोना वैक्सीन वर्तमान में फाइनल क्लीनिकल ट्रायल के दौर में हैं। हमें उम्मीद है कि हम जल्द ही इसका उपयोग करने में सक्षम होंगे। हमें इस बात की भी खुशी है कि टीकाकरण कवरेज के संबंध में महत्वपूर्ण प्रगति जारी है। पहली खुराक कवरेज के अकल्पनीय स्तर 96% तक पहुंच गया है। यह किसी भी सरकार के लिए एक सपना पूरा होने की तरह है। टीकाकरण की गति लगातार तेज हो रही है।