देश के कई राज्यों में कोरोना संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। इसे लेकर केंद्र सरकार एक बार फिर सतर्क हो गई हैं। महाराष्ट्र, केरल, तेलंगाना, कर्नाटक और तमिलनाडु में कोरोना के केस लगातार बढ़ते हुए दिखाई दे रहे हैं। महाराष्ट्र में एक दिन में एक हजार से ज्यादा मामले दर्ज हुए। इनमें तीन लोगों की मौत भी हो गई है। ऐसे में केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने पांचों राज्यों को पत्र लिखकर सतर्कता बढ़ाने और संक्रमण के तेज प्रसार को नियंत्रित करने के लिए पहले से तय किए गए कदमों को उठाने के लिए कहा है। केरल के 11 जिले, तमिलनाडु के दो जिले, महाराष्ट्र के छह जिले, कर्नाटक के एक जिले और तेलंगाना में कोरोना के मामलों में तेजी देखी गई है।
दरअसल, महाराष्ट्र में गुरुवार को एक हजार से अधिक मामले रिपोर्ट हुए। इसमें से 700 से अधिक मामले अकेले राजधानी मुंबई में रिपोर्ट किए गए। इस बीच, मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने राज्य में कोविड के मामलों में वृद्धि के बीच एक कोविड-19 टास्क फोर्स की बैठक बुलाई। बैठक में सीएम निर्देश दिया कि राज्य सरकार 15 दिनों तक हालात की निगरानी करेगी। उन्होंने अस्पतालों को तैयार रहने के लिए कहा है और लोगों से गुजारिश की है कि अगर वे फिर से प्रतिबंध नहीं चाहते हैं तो उन्हें अनुशासन का पालन करना होगा। फरवरी के बाद पहली बार, महाराष्ट्र में बुधवार को 1,000 से अधिक दैनिक कोरोना मामले रिपोर्ट हुए थे। दूसरी ओर, केरल में भी कोविड के केस तेजी से बढ़ रहे हैं। पिछले कुछ हफ्तों से 700 से 800 के बीच कोविड केस रिपोर्ट किए जा रहे थे। लेकिन दो महीने बाद केरल में पहली बार कोविड केस एक हजार से अधिक रिपोर्ट किए गए। कुछ ऐसा ही हाल कर्नाटक, तमिलनाडु और तेलंगाना का है।
वहीं, भारत में 84 दिन के बाद एक दिन में कोविड-19 के 4,000 से ज्यादा नए मामले सामने आए हैं, जिससे देश में कोरोना से अब तक संक्रमित हो चुके लोगों की संख्या बढ़कर 4,31,68,585 हो गई है। वहीं, एक्टिव मरीजों की संख्या 21,177 पर पहुंच गई है। पिछले 24 घंटे में संक्रमण के 4,041 नए मामले सामने आए, जबकि दस मरीजों की मौत हो गई, जिससे संक्रमण से जान गंवाने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 5,24,651 पर पहुंच गई। आंकड़ों के मुताबिक, देश में कोविड-19 उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर 21,177 हो गई है, जो कुल मामलों का 0.05 फीसदी है। वहीं, संक्रमण से ठीक होने वालों की राष्ट्रीय दर 98.74 फीसदी है।