महाराष्ट्र में कोरोना महामारी की वजह से रक्त की भारी कमी हो गई है। राज्य के ब्लड बैंकों में सिर्फ सात दिन के लिए ही रक्त उपलब्ध है। रक्त की कमी के चलते विभिन्न अस्पतालों में मरीजों के इलाज में भी दिक्कतें आ रही हैं। इसको देखते हुए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने लोगों से रक्तदान की अपील करनी पड़ी है।
मुख्यमंत्री ठाकरे ने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि रक्तदाता कम से कम तीन महीने में एक बार रक्तदान अवश्य करें। युवा वर्ग अधिकतर संख्या में रक्तदान करते हैं। कोरोना महामारी के चलते कालेज बंद हैं। कंपनी और कार्यालयों में भी वर्क फ्राम होम के घर से काम हो रहा है। वहीं, कोरोना महामारी के कारण रक्तदान शिविर भी नहीं हो रहे हैं, जिसकी वजह से ब्लड बैंकों में रक्त जमा नहीं हो पा रहा है। इसलिए रक्तदान की मुहिम मंद पड़ गई है। जबकि कोरोना वायरस के संक्रमण के समय में भी पहले की तरह रक्त की मांग बरकरार है क्योंकि डायबिटीज और किडनी आदि के मरीजों को रक्त की जरूरत पहले जैसी ही है।
महाराष्ट्र में हैं 344 ब्लड बैंक
महाराष्ट्र में 344 ब्लडबैंक है, जिसमें 19 हजार 59 यूनिट और प्लेटलेट के 2,583 यूनिट रक्त है। इसके अलावा देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में 58 ब्लडबैंक हैं जहां 3,239 यूनिट रक्त और 611 प्लेटलेट यूनिट रक्त उपलब्ध है। मुंबई की जरूरत के लिहाज से इतना रक्त सिर्फ 5 से 7 दिन में खत्म हो सकता है।