कोरोना कवच पॉलिसी के लिए बीमा की राशि न्यूनतम 50 हजार और अधिकतम 5 लाख रुपए है। इंश्योरेंस की अवधि साढ़े 3, साढ़े 6 और साढ़े 9 महीने हो सकती है। इसमें कवर का प्रीमियम जीएसटी छोड़कर 500 से 6 हजार रुपए रहेगा।
बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (इरडा) ने कोरोना को देखते हुए बीमा कंपनियों को नई कोरोना कवच पॉलिसी बेचने और पुरानी पॉलिसी को रिन्यू करने की इजाजत दी है। इसके लिए उन्हें 31 मार्च 2022 तक का समय दिया गया है। कोरोना कवच पॉलिसी को कोरोना काल में लोगों की स्वास्थ्य समस्याओं को ध्यान में रखकर जुलाई 2020 में लॉन्च किया गया था।
विज्ञापन
कोरोना कवच पॉलिसी के लिए बीमा की राशि न्यूनतम 50 हजार और अधिकतम 5 लाख रुपए है। इंश्योरेंस की अवधि साढ़े 3, साढ़े 6 और साढ़े 9 महीने हो सकती है। इसमें कवर का प्रीमियम जीएसटी छोड़कर 500 से 6 हजार रुपए रहेगा। 18 से 65 साल तक का कोई भी व्यक्ति यह पॉलिसी ले सकता है।
क्या-क्या कवर होगा?
बेड का चार्ज, नर्सिंग चार्ज, ब्लड टेस्ट, पीपीई किट, ऑक्सीजन, आईसीयू और डॉक्टर की कंसल्टेशन फीस
अस्पताल में भर्ती होने से पहले डॉक्टर कंसल्टेशन, चेक अप और डाइग्नोसिस का खर्च
अस्पताल से डिस्चार्ज होने के 30 दिन बाद तक का मेडिकल खर्च
अगर आपका कोरोना बीमारी का इलाज घर पर चल रहा है, तो 14 दिन तक के लिए हेल्थ की मॉनिटरिंग और दवाइयों का खर्च
आयुर्वेद और उससे जुड़े इलाज का खर्च
घर से अस्पताल और अस्पताल से घर तक एम्बुलेंस में ट्रांसफर करने का खर्च
विज्ञापन
कोरोना कवच पॉलिसी और आम पॉलिसी में फर्क
ऑनलाइन इंश्योरेंस सॉल्यूशन फर्म ‘बेशक’ के फाउंडर और एक्सपर्ट महावीर चोपड़ा कहते हैं कि कोरोना कवच पॉलिसी में सिर्फ कोरोना होने पर ही इलाज का खर्च कवर होता है। वहीं, सामान्य स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी में कोरोना के साथ अन्य बीमारी होने पर भी आपको कवर मिलता है।
10 जुलाई को लॉन्च हुई थी पॉलिसी
सभी जनरल और स्टैंडलोन हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों ने 10 जुलाई 2020 को कोरोना कवच इंश्योरेंस पॉलिसी को लॉन्च किया है। इसे कोरोना काल में लोगों की स्वास्थ्य समस्याओं को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इसमें कोरोना संक्रमित पाए जाने पर अस्पताल में भर्ती, भर्ती होने से पहले और बाद और घर में देखभाल सहित इलाज से जुड़े अन्य खर्चे कवर होंगे।