कोरोना वायरस महामारी के कारण लगाए गए लॉकडाउन के चलते महाराष्ट्र में फंसे उत्तर प्रदेश के प्रवासियों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ट्वीट से नई उम्मीद जग गई है। उन्हें भरोसा है कि योगी सरकार जरूर उन्हें घर पहुंचाने में मदद करेगी। वहीं, वरिष्ठ अधिकारियों से निर्देश मिलने के बाद मुंबई में बतौर नोडल ऑफिसर तैनात यूपी पर्यटन विभाग के उपनिदेशक विमलेन्द्र कुमार औचित्य महाराष्ट्र में रह रहे प्रवासियों की सूची तैयार करने में जुट गए हैं। एक अनुमान के मुताबिक केवल मुंबई से करीब 18 लाख प्रवासी यूपी जा सकते हैं, जबकि पूरे महाराष्ट्र से यूपी जाने वालों की संख्या 35 लाख के आसपास हो सकती है।
शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट किया कि उत्तर प्रदेश के ऐसे श्रमिक, कामगार और मजदूर भाई-बहन, जो अन्य राज्यों में रह रहे हैं और 14 दिन की क्वारंटीन अवधि पूरी कर चुके हैं, हम उन्हें वापस उनके घर पहुंचाएंगे। ऐसे लोगों की राज्यवार सूची तैयार करने के साथ चरणबद्ध योजना तैयार करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद महाराष्ट्र के प्रभारी अधिकारी नितिन गोकर्ण और शिरीष शिराडकर ने विमलेन्द्र औचित्य से महाराष्ट्र में फंसे यूपी के मजदूरों के संबंध में बात की। उसके बाद विमलेन्द्र कुमार ने मुंबई महानगर के आसपास रहने वाले प्रवासी मजदूरों की सूची तैयार करनी शुरू की है।
अब तक डेढ़ लाख प्रवासी कर चुके हैं फोन
महाराष्ट्र में लॉक डाउन से अब तक करीब डेढ़ लाख प्रवासी मजदूर खाने और अपने गांव जाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की हेल्पलाईन पर फोन कर चुके हैं। इनमें से ज्यादा तर लोगों के खाने की समस्या हल की जा चुकी है, लेकिन उनके गांव जाने की मांग अभी बरकरार है। एक अनुमान के मुताबिक मुंबई की आबादी 1 करोड़ 84 लाख है। एक अनुमान के मुताबिक इसमें से करीब 18 लाख प्रवासी उत्तर प्रदेश के हैं। वहीं, पूरे महाराष्ट्र में उत्तर प्रदेश के कितने मजदूर हो सकते हैं इसका आंकलन अभी किया जा रहा है। यूपी के मजदूर महाराष्ट्र के तकरीबन सभी जिलों में मौजूद हैं, लेकिन मुंबई, ठाणे, पुणे, नासिक, नागपुर में इनकी संख्या सबसे ज्यादा है।
बेहद चुनौतीपूर्ण है प्रवासी मजदूरों की घरवापसी
महाराष्ट्र में रहने वाले उत्तर प्रदेश के लोग हर साल गर्मी के मौसम में अप्रैल से लेकर मई तक अपने गांव जाते हैं। लेकिन, उत्तर प्रदेश के प्रयागराज, वाराणसी और गोरखपुर की ओर जाने वाली अनेक रेलगाड़ियों मे बिहार के प्रवासी भी बड़ी संख्या में यात्रा करते हैं। ऐसे में उत्तर प्रदेश के कितने मजदूर हो सकते हैं इसका आंकलन करना काफी मुश्किल है, जिससे सभी प्रवासी मजदूरों की घरवापसी की प्रक्रिया बेहद चुनौतीपुर्ण है। विमलेन्द्र औचित्य ने कहा कि महाराष्ट्र से कुल कितने लोग जाने वाले हैं और किन लोगों को प्राथमिकता दी जाए। इस पर विचार किया जा रहा है। आंकड़े जुटाने के बाद इस पर रणनीति बनाई जाएगी।
अनुमान के मुताबिक महाराष्ट्र से यूपी जाने वाले प्रवासी
- मुंबई- 18 लाख
- पुणे- 1.3 लाख
- नागपुर- 40 हजार
- शेष महाराष्ट्र- 15 लाख