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चिंता की बात: 206 दिन बाद सबसे कम सक्रिय केस, लेकिन हर त्योहार के बाद बढ़े कोरोना के मामले

Sat, 09 Oct 2021 02:12 PM IST
हिमांशु मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पुराने आंकड़े बता रहे हैं कि हर त्योहार के बाद कोरोना मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। पिछले साल अक्तूबर-नवंबर, इस साल मार्च और फिर अगस्त-सितंबर के बीच भी कुछ ऐसा ही हुआ।
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कोरोना के मामलों में एक हफ्ते में गिरावट दर्ज की गई है। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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देश में 206 दिन बाद कोरोना के सक्रिय मामलों की संख्या सबसे कम हो गई है। सक्रिय मामलों का मतलब ऐसे मरीजों से है, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, ऐसे मरीजों की संख्या 2.36 लाख है। इससे पहले 16 मार्च 2021 को देश में सबसे कम 2.34 लाख एक्टिव केस थे। हालांकि, परेशान करने वाली बात यह है कि हर बार त्योहार के बाद कोरोना के मामलों में तेजी से इजाफा हुआ। साल 2020 की दीवाली और 2021 की होली के बाद भी कोरोना के नए मामलों में काफी ज्यादा उछाल आया था। अब दशहरा और दीवाली आदि त्योहार आने वाले हैं, जिसके मद्देनजर बाजार में भीड़ बढ़ गई है।
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अब तक 3.39 करोड़ लोग संक्रमित हुए 

देश में अब तक 3.39 करोड़ से ज्यादा लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इनमें 3.32 करोड़ लोग ठीक हो चुके हैं, जबकि 4.50 लाख लोगों की मौत हो चुकी है। 2.36 लाख मरीजों का अभी इलाज चल रहा है। इसे ही एक्टिव कहते हैं। पिछले एक हफ्ते के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस बार 13% कोरोना केस और 6% मौतों में गिरावट दर्ज हुई है।

पिछले साल त्योहारों पर क्या हुआ? 

पिछले साल अक्तूबर से नवंबर के बीच ईद, दशहरा, दीवाली, छठ पूजा जैसे त्योहार मनाए गए। इस बीच नवंबर के दूसरे हफ्ते तक कोरोना के मामले कम हुए, लेकिन फिर अचानक से बढ़ गए। 23 नवंबर तक देश में एक्टिव केस 4.38 लाख थे, जो 26 नवंबर तक बढ़कर 4.55 लाख हो गए। स्वास्थ्य मंत्रालय ने पिछले साल प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया था कि त्योहारों में लोगों की लापरवाही का नतीजा बाद में देखने को मिलता है। 

इस साल भी वही गलती दोहराई 

इस साल के आंकड़ों की शुरूआत मार्च से करते हैं। 28 मार्च को देशभर में होली खेली गई। तब 5.22 लाख एक्टिव केस थे। गौरतलब है कि मार्च 2021 में होली से सात दिन पहले देश में रोजाना करीब 47 हजार नए मामले मिल रहे थे। इसके तहत 21 मार्च 2021 को देश में 47009, 22 मार्च को 40611, 23 मार्च को 47264, 24 मार्च को 53914, 25 मार्च को 59069, 26 मार्च को 61291 और 27 मार्च को 61123 नए मामले मिले थे। दरअसल, त्योहार के दौरान बाजार में भीड़ बढ़ी तो कोरोना के मामलों में इजाफा होने लगा। होली के दिन यानी 28 मार्च को कुल 68 हजार 208 नए मामले सामने आए। इसके बाद कोरोना के मामलों में तेजी से उछाल आया और चार अप्रैल को संक्रमण के दैनिक नए मामलों की संख्या एक लाख पार कर गई। इसके बाद आंकड़ों में जबरदस्त इजाफा हुआ और एक महीने के अंदर देश में एक्टिव मरीजों की संख्या 30 लाख से भी अधिक हो गई। हालात ये हो गए थे कि अस्पतालों में बेड, दवाओं और ऑक्सीजन की भारी कमी हो गई। मौतें इतनी बढ़ गईं कि श्मशान घटों, कब्रिस्तान में भी जगह नहीं बची। 

अगस्त में भी बढ़ने लगे थे केस 

इसी साल अगस्त में मनाए गए त्योहारों के दौरान भी कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अगस्त में मुहर्रम, रक्षा बंधन और श्रीकृष्ण जन्माष्टमी जैसे त्योहार धूमधाम से मनाए गए। आंकड़े बताते हैं कि 24 अगस्त 2021 तक देश में 3.28 लाख एक्टिव केस थे। इसमें पहले लगातार गिरावट दर्ज हो रही थी, लेकिन त्योहारों के बीच अचानक इसमें इजाफा होने लगा और चार सितंबर तक देश में एक्टिव केस बढ़कर 4.16 लाख पहुंच गए। इसके बाद इसमें किसी तरह काबू पाया गया। 

हर रोज मिल रहे केस कम हुए 

पिछले 24 घंटे में देशभर में कोरोना के 19 हजार 740 नए मामले दर्ज किए गए हैं। दो दिनों के भीतर ही कोरोना के दो हजार मामले कम हुए हैं। इससे पहले गुरुवार को 21 हजार से ज्यादा नए मामले सामने आए थे। पिछले 24 घंटे में 23 हजार 434 लोगों ने बीमारी को मात दी है, जबकि 245 लोगों की मौत हुई। 

अमेरिका में सबसे ज्यादा मरीज मिल रहे 

हर रोज मिल रहे संक्रमितों के मामले में भारत दुनिया का पांचवा बड़ा देश है। सबसे ज्यादा अमेरिका में लोग संक्रमित पाए जा रहे हैं। यहां हर रोज एक लाख से ज्यादा मामले बढ़ रहे हैं। दूसरे नंबर पर ब्रिटेन और तीसरे पर तुर्की है। चौथे पर रूस है। मौत के मामले में भी अमेरिका पहले नंबर पर है। यहां हर रोज 1500 से 2000 लोगों की जान जा रही है। इसके बाद रूस है, जहां 500-1000 लोग दम तोड़ रहे। ब्राजील में 600-700 और रोमानिया में 300-400 लोगों की मौत हो रही है। भारत में मरने वालों का आंकड़ा 200-300 के बीच रह रहा है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने फिर चेताया

इस बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने शनिवार को चेतावनी दी कि अगर कोविड प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया, तो हालात बिगड़ सकते हैं। आने वाले त्योहारोंके सीजन के लिए लोगों को सतर्क करते हुए उन्होंने कहा कि अगर हमने लापरवाही बरती, तो रोकथाम के प्रयास पटरी से उतर सकते हैं। उन्होंने राज्यों से टीकाकरण की गति बढ़ाने का आह्वान किया ताकि भारत अगले कुछ दिनों में टीके की 100 करोड़ खुराकों को लगाने के आंकड़े को हासिल कर सके। भारत ने अब तक टीके की 94 करोड़ से अधिक खुराक लगाई है।
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टीकाकरण की समीक्षा की

सभी प्रमुख राज्यों के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रमुख सचिवों और निदेशकों के साथ कोरोना टीकाकरण की समीक्षा करते हुए मंडविया ने कहा कि कोरोना टीके की 100 करोड़ खुराक देना भारत की टीकाकरण यात्रा में मील का पत्थर साबित होगा। स्वास्थ्य मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, मंडविया ने कहा कि अगर त्योहारों, जश्न और बड़ी सभाओं के दौरान कोविड प्रोटोकॉल का ध्यान नहीं रखा जाता है, तो कोविड-19 की रोकथाम पटरी से उतर सकती है।
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