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Corona Alert: विशेषज्ञों का दावा- कोरोना को मिटा नहीं सकते, वैक्सीन और दवाओं से इससे निपटने में मिलेगी मदद

Wed, 26 Jan 2022 08:13 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

डॉ. पिल्लई ने कहा कि मुझे लगता है कि आगे चलकर यह एंडेमिक स्थिति में पहुंच जाएगा, जहां हम कुछ हद तक इस वायरस के साथ रहना शुरू कर देंगे। उम्मीद है इस वायरस की तीव्रता तब तक कम हो जाएगी।
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Corona Update - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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कोरोना को लेकर एक राहतभरी खबर आ रही है। हार्वर्ड मेडिकल स्कूल में हार्वर्ड इम्यूनोलाजी ग्रेजुएट प्रोग्राम के निदेशक और मेडिसिन एंड हेल्थ साइंसेज एंड टेक्नोलाजी के प्रोफेसर डॉ. शिव पिल्लई ने कहा है कि धीरे-धीरे कोरोना एंडेमिक हो जाएगा। हम इसे मिटा नहीं सकते, लेकिन वैक्सीन और दवाओं के जरिए हम इसका बेहतर तरीके से मुकाबला कर सकते हैं।

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एक इंटरव्यू के हवाले से समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, डॉ. पिल्लई ने कहा कि मुझे लगता है कि आगे चलकर यह एंडेमिक स्थिति में पहुंच जाएगा, जहां हम कुछ हद तक इस वायरस के साथ रहना शुरू कर देंगे। उम्मीद है इस वायरस की तीव्रता तब तक कम हो जाएगी। इसलिए यह ज्यादातर लोगों के लिए खतरनाक साबित नहीं होगा। ऐसे में अगले हम कुछ वर्षों में इसे काबू कर लेंगे। टीकाकरण और भी बेहतर होता जाएगा और दवाएं भी काफी हद तक हालात बदल देंगी।

डॉ. पिल्लई ने कहा कि पैक्सलोविड और सिप्ला जैसी दवाएं शायद इस महामारी के खिलाफ जारी लड़ाई में अहम भूमिका निभा सकती हैं। हम एक बेहतर मुकाम पर होंगे, लेकिन हम इसे मिटा नहीं पाएंगे, यह हमेशा हमारे आसपास ही रहने वाली है।
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भारतीय सार्स-सीओवी-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (इंसाकाग) ने पहले ही कहा है कि ओमिक्रॉन अब सामुदायिक हो गया है। डॉ. पिल्लई ने कहा कि ओमिक्रॉन का दूसरा संस्करण बीए.2 के कारण भारत में मौजूदा लहर लंबी खिंचने के आसार हैं। भारत में ओमिक्रॉन का बीए.2 वर्जन अलग है। वास्तव में यह ओमिक्रॉन के मूल वर्जन बीए.1 से थोड़ा अलग है।

उन्होंने कहा कि भारत में ओमिक्रॉन लहर का लंबे समय तक प्रभाव हो सकता है। दूसरी लहर के दौरान कहर बरपाने वाले डेल्टा से यह वायरस बहुत अलग है। डॉ. पिल्लई ने कहा कि यह डेल्टा, अल्फा, बीटा और गामा की तुलना में थोड़ा हल्का है और फेफड़ों को उतना बुरी तरह प्रभावित नहीं करता है। इसी के चलते ओमिक्रॉन से मौत और बीमारी की गंभीरता कम रही है।  

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