भारतीय सेना में 'सेवानिवृत्त लाभार्थियों' के मामले अब त्वरित गति से निपट सकेंगे। रक्षा लेखा महानियंत्रक द्वारा जारी सर्कुलर में कहा गया है कि सेवानिवृत्ति लाभ से संबंधित केसों को प्राथमिकता के आधार पर जल्दी से जल्दी निपटाया जाए। शहीद परिवारों को बिना किसी विलंब के ये फायदे मिल सकें, इसके लिए उन्हें 'संपर्क अधिकारी' की सुविधा प्रदान की जाए। ऐसे परिवारों के लिए 'संपर्क अधिकारी' नामित करें। रक्षा लेखा महानियंत्रक को मालूम हुआ है कि पेंशनधारकों को जारी किया जाने वाला 'पेंशन पेमेंट ऑर्डर' समय पर जारी नहीं हो पा रहा है।
रक्षा लेखा महानियंत्रक ने इस बाबत चार अगस्त को एक पत्र जारी किया है। इसमें कहा गया है, पहले भी यूनिटों को इस संबंध में सचेत किया गया था कि वे 'सेवानिवृत्ति लाभार्थियों' के मामलों को तुरंत निपटा दें। किसी भी लाभार्थी को अपने पेंशन लाभों के लिए अनावश्यक तौर पर कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें। इसके बावजूद यह देखने को मिला है कि कुछ लाभार्थियों के पेंशन पेमेंट ऑर्डर भी समय पर जारी नहीं हो पा रहे हैं। इन्हें अविलंब जारी किया जाए। पेंशन से संबंधित मामलों में 'पेंशन पेमेंट ऑर्डर' का समय पर जारी होना जरूरी है। इसी यूनिक नंबर की मदद से पेंशनधारक अपनी पेंशन के बारे में जानकारी ले सकता है।
इसके अलावा सेना में ड्यूटी के दौरान शहीद होने वाले जवान या किसी एक्स-सर्विस मैन का निधन होने की स्थिति में उसके परिवार को सेवानिवृत्ति लाभ मिलने में कोई देरी न हो, इस पर विशेष ध्यान दिया जाए। खासतौर पर, जो लोग मारे गए हैं, उनके परिजनों को सभी आर्थिक लाभ समय पर मिलें। ऐसे मामलों को तेजी से निपटाने के लिए 'संपर्क अधिकारी' नियुक्त कर दिए जाएं। संपर्क अधिकारी के बारे में संबंधित परिवारों को सूचित कर दें। वे उससे मिलकर अपनी समस्या हल करा सकते हैं।