मेंगलुरु में डंकी फार्म शुरू करने वाले श्रीनिवास गौडा
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हम और आप अक्सर पढ़ते और सुनते हैं कि सेहत के लिए यह लाभकारी है, यह हानिकारक है। इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए अब गधी का दूध बाजार में आने वाला है। यह पढ़कर आप हंस सकते हैं, लेकिन कर्नाटक के मेंगलुरु में श्रीनिवास गौड़ा का दावा है कि गधी का दूध सेहत के लिए फायदेमंद है।
गौड़ा ने अपनी आईटी की नौकरी छोड़कर मेंगलुरु में देश का पहला डंकी मिल्क फार्म शुरू किया है। गौड़ा ने बताया कि वह वर्ष 2020 तक एक सॉफ्टवेयर फर्म में काम करते थे। उन्होंने देश व कर्नाटक का पहला डंकी मिल्क फार्म शुरू किया है। यहां डंकी फार्मिंग की ट्रेनिंग भी दी जाएगी। श्रीनिवास गौड़ा ने बताया कि अभी हमारे पास 20 गधे हैं। इस फार्म के विकास पर उन्होंने अब तक करीब 42 लाख रुपये निवेश किए हैं।
सबको उपलब्ध हो गधी का दूध
गौड़ा ने दावा किया कि डंकी के दूध के कई लाभ हैं, इसलिए हम इसे बेचने की योजना बना रहे हैं। हमारा सपना है कि गधी का दूध सबको उपलब्ध होना चाहिए। इसके दूध में औषधीय गुण हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार गधी का दूध पैकेट में उपलब्ध होगा। मात्र 30 मिलीलीटर दूध के पैकेट की कीमत 150 रुपये तक होगी। गौड़ा ने मीडिया को बताया कि दूध के पैकेट मॉल, दुकानों और सुपरमार्केट में मिलेंगे। गौड़ा ने दावा किया कि उन्हें 17 लाख रुपये के ऑर्डर मिल चुके हैं।
मेहनती व अनूठा स्वामीभक्त होता है गधा
बहरहाल, इस मौके पर गधे की मेहनती स्वभाव की चर्चा लाजिमी है। साहित्यकारों व विचारवान लोगों के लिए यह चर्चा का विषय रहा है। उसकी स्वामीभक्ति के अनेक उदाहरण दिए जाते हैं। गधे की तरह मेहनती, गधे की अक्ल, गधे जैसा व्यवहार जैसी बातें व उलाहने तो अक्सर कहने, सुनने व पढ़ने को मिलते हैं। यहां तक कहा जाता है कि गधे को यदि किसी खूंटे के पास रस्सी को बगैर बांधे खड़ा कर दिया जाए तो भी वह वहां से डिगेगा नहीं। गधे की महिमा अपरंपार है। यही दुआ की जा सकती है कि गौड़ा का सपना पूरा हो।