कर्नाटक के गृहमंत्री ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से मुलाकात करने के बाद विपक्ष पर झूठा प्रचार करने और लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस दो अगस्त को मंड्या, बिदादी, रामानगर, मैसूरु में सार्वजनिक सभा करके लोगों को सच्चाई बताएगी।
कर्नाटक में मुदा घोटाले को लेकर छिड़े सियासी संग्राम का सत्ताधारी कांग्रेस भी डटकर मुकाबला करने के लिए तैयार है। अब कांग्रेस ने विपक्षी भाजपा और जदएस के पैदल मार्च का जवाब सार्वजनिक सभा करके देने का निर्णय लिया है। कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने कहा कि सरकार भी विपक्ष की हरकतों का जवाब देगी। मंत्री ने कहा कि विपक्ष को पुलिस पैदल मार्च की अनुमति नहीं देगी, लेकिन रोकेगी भी नहीं। उन्होंने कहा कि अगर कानून का उल्लंघन किया गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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कर्नाटक के गृहमंत्री ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से मुलाकात करने के बाद विपक्ष पर झूठा प्रचार करने और लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस दो अगस्त को मंड्या, बिदादी, रामानगर, मैसूरु में सार्वजनिक सभा करके लोगों को सच्चाई बताएगी। पैदल मार्च की अनुमति न देने के सवाल पर गृहमंत्री ने कहा कि देखते हैं क्या होता है? अगर विपक्ष सरकार को धमकी देता है तो सरकार क्या कमजोर है। हम उन्हें मार्च की अनुमति नहीं देंगे। लेकिन मार्च निकालने से रोकेंगे भी नहीं।
उन्होंने कहा कि विरोध करना विपक्ष का अधिकार है। लेकिन अगर कानून का उल्लंघन किया जाएगा तो पुलिस अपना कर्तव्य निभाएगी। हम कानून की रक्षा करने का अपना कर्तव्य निभाएंगे। उन्हें हमें धमकाने की कोई जरूरत नहीं है या हमें उन्हें धमकाने की कोई जरूरत नहीं है। विपक्षी सदस्यों की गिरफ्तारी को लेकर गृहमंत्री ने कहा कि हम मुकदमा या गिरफ्तारी नहीं करेंगे। अगर कानून का पालन नहीं किया गया तो एफआईआर भी दर्ज होगी।
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वहीं पैदल मार्च के लिए पुलिस की अनुमति नहीं मिलने पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बी वाई विजयेंद्र ने कहा कि विपक्ष डरेगा नहीं। अगर सरकार इसे दबाने की कोशिश करेगी तो यह उस स्तर तक पहुंच जाएगा जो अकल्पनीय है। सरकार हमें नहीं रोक सकती।
क्या है मामला
सीएम सिद्धारमैया की पत्नी को मैसूर के एक महंगे इलाके में मुआवजा देने के लिए जगह आवंटित की गई थी, जिसकी संपत्ति का मूल्य उनकी उस जमीन की तुलना में अधिक था जिसे मुदा ने अधिग्रहित किया था। बता दें कि मुदा ने सीएम सिद्धारमैया की पत्नी पार्वती को उनकी 3.16 एकड़ जमीन के बदले 50:50 अनुपात योजना के तहत प्लॉट आवंटित किए थे, जहां मुदा ने आवासीय खाका बनाया था। विवादास्पद योजना में खाका बनाने के लिए अधिग्रहित अविकसित भूमि के बदले में भूमि खोने वाले को 50 प्रतिशत विकसित भूमि आवंटित करने की परिकल्पना की गई है।