वोट शेयर में 15 फीसदी की गिरावट
2013 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को हार का मुंह देखना पड़ा। 2008 में जहां पार्टी का वोट प्रतिशत 40 फीसदी था वो 2013 में घटकर 25 प्रतिशत पर आ गया। कांग्रेस की सीटें 43 से घटकर 8 पर पहुंच गईं। कांग्रेस को 24.55 प्रतिशत, भाजपा को 33.07 और आप को 29.49 फीसदी वोट मिले।
70 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा को 32, आप को 28, कांग्रेस को 8 और अन्य को दो सीटें मिलीं। आप-कांग्रेस ने मिलकर सरकार बनाई। चुनाव में दिल्ली के 65.63 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट किया।
2015 में जीरो पर पहुंची कांग्रेस
2015 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को तगड़ा झटका लगा, उसे 10 फीसदी से भी कम वोट मिले और उसे एक भी सीट नहीं मिली। सिर्फ सात सालों में ही कांग्रेस का वोट प्रतिशत 40 से घटकर 9.7 फीसदी पर आ गया। वहीं, आप का वोट शेयर 24 फीसदी से बढ़कर करीब 50 फीसदी हो गया।
आप ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए 67 सीटें हासिल कर विपक्ष का सूपड़ा साफ कर दिया। भाजपा महज तीन सीटों पर सिमट गई। चुनाव में दिल्ली के 67.12 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट किया।
अब चार फीसदी रह गया वोट
2020 विधानसभा चुनाव अगर किसी पार्टी के लिए सबसे बुरा साबित हुआ है तो वो कांग्रेस है। चुनाव के नतीजे लगातार आ रहे हैं लेकिन चुनाव आयोग के मुताबिक कांग्रेस का वोट प्रतिशत 2015 से भी कम हो गया है। कांग्रेस को अभी तक 4.26 प्रतिशत वोट मिले हैं। ये पिछले 12 सालों में पार्टी का सबसे खराब प्रदर्शन है।
वहीं, आम आदमी पार्टी को एक बार फिर से प्रचंड बहुमत मिला है। जीत सुनिश्चित होने के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली की जनता का शुक्रिया अदा किया। केजरीवाल ने कहा, 'दिल्ली वालों गजब कर दिया आपने! आई लव यू।' उन्होंने कहा कि यह सभी दिल्लीवासियों की जीत है। दिल्ली ने तीसरी बार अपने बेटे पर भरोसा जताया है, इसके लिए शुक्रिया। यह नई राजनीति देश के लिए शुभ संदेश है। दिल्ली ने नई राजनीति को जन्म दिया है।