कांग्रेस का कहना है कि कोरोना टीकाकरण को लेकर जश्न मनाने से देश के लोगों को मिले जख्म नहीं भर जाएंगे। पार्टी ने कोरोना से हुई मौतों के साथ इससे जुड़े अन्य पहलूओं की निष्पक्ष जांच के लिए कोरोना जांच आयोग के गठन की मांग की है। पार्टी ने टीकाकरण के सौ करोड़ डोज को लेकर केंद्र सरकार से कई सवाल पूछे हैं। पार्टी का कहना है कि अब भी देश के 32 करोड़ लोगों को एक भी टीका नहीं लगा है। 42 करोड़ लोगों को टीके की एक डोज लगी है। ऐसे में करीब 106 करोड़ डोज कब तक लग पाएगी? प्रधानमंत्री ने इस साल दिसंबर तक सभी वयस्कों के टीकाकरण की घोषणा की है।
पार्टी महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि लोगों के स्वास्थ्य के लिए खुद की जान की परवाह न करने और कोरोना टीकाकरण अभियान में अहम भूमिका निभाने वाले वैज्ञानिकों, डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों के प्रति देश कृतज्ञता जाहिर करता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि टीकाकरण को लेकर जश्न मनाने से देश के लोगों के जख्म नहीं भर जाएंगे। सरकार ने कोरोना काल में अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन न कर प्रपंच और स्वांग रच अपनी पीठ थपथपाने का काम किया है। मोदी सरकार के निकम्मेपन, आपराधिक लापरवाही, टीकाकरण की नीतियां बार-बार बदलने और लाखों लोगों की जान जोखिम में डालने पर जवाब मांगने का समय आ गया है।
आयोग करे कोरोना मौतों की जांच
सुरजेवाला ने एक रिपोर्ट के हवाले से कहा कि दुनिया के टॉप 20 देशों में टीकाकरण में भारत 19वें स्थान पर है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में आपराधिक लापरवाही हुई, ऑक्सीजन के लिए लोग बेहाल थे, आवश्यक इंजेक्शन, दवाओं की कालाबाजारी हुई, अस्पतालों में वेंटीलेटर वाले बेड नहीं थे। उस दौरान एक ऐसी सरकार थी जिसने देश को असहाय, बेबसी और क्रूरता के मोड़ पर खड़ा कर दिया था। श्मशानों में लाइन लगी थी, गंगा किनारे शव नजर आ रहे थे। एजेंसियों के सर्वे के मुताबिक 40 से 65 लाख लोगों की मृत्यु हुई है। इसलिए जांच आयोग का गठन किया जाए ताकि निष्पक्ष जांच हो। आयोग भविष्य के स्वास्थ्य के लिए रचनात्मक सुझाव दे और दोबारा सर्वे कर मौत की सच्चाई सामने लाए। जिन लोगों की मौत हुई है उनके परिजनों को मुआवजा दिया जाए।
पेट्रोल-डीजल टैक्स से टीकाकरण होने के बयान पर उठाया सवाल
सुरजेवाला ने सवाल उठाया कि केंद्रीय गृह राज्यमंत्री बयान देते हैं कि पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतें इसलिए बढ़ रही हैं क्योंकि मुफ्त टीकाकरण हो रहा है। ईंधन की कीमत में शामिल टैक्स से फ्री वैक्सीनेशन हो रहा है। सुरजेवाला ने सवाल उठाया कि अगर 103 करोड़ वयस्कों का भी फ्री टीकाकरण होता है तो दो सौ रुपये प्रति टीके के हिसाब से 20 हजार छह सौ करोड़ बनते हैं। इसमें निजी अस्पतालों में शुल्क वाला टीकाकरण भी शामिल कर लें। वहीं मोदी सरकार ने अकेले पेट्रोल-डीजल पर टैक्स लगाकर एक लाख 25 हजार करोड़ वसूला है। ऐसे में तो तत्काल कीमतें कम होनी चाहिए।
कंपनियों को लाइसेंस क्यों नहीं
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि कई कंपनियां लाइसेंस मांग रही हैं लेकिन उन्हें मंजूरी नहीं मिल रही। पांच से 17 साल के बच्चों के टीकाकरण पर भी अब तक मंजूरी नहीं मिली है जबकि स्कूल खोले जा रहे हैं। जॉनसन एंड जॉनसन की 35 लाख डोज वैक्सीन हिमाचल के कसौली में रोक रखी है जो एक्सपायर हो जाएगी। उसका इस्तेमाल क्यों नहीं हो रहा है? भारत बायोटेक की भारतीय वैक्सीन को आज तक डब्ल्यूएचओ ने मंजूरी नहीं दी। जाइडस कैडिला अहमदाबाद में बच्चों की वैक्सीन बना रही है लेकिन सप्लाई नहीं कर रही है। सरकार सीरम इंस्टीट्यूट को भी क्लीयरेंस नहीं दे रही है।