महान स्वतंत्रता सेनानी और देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के जन्मदिवस के अवसर पर संसद में होने वाले कार्यक्रम में रविवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला, राज्यसभा अध्यक्ष एम वेंकैया नायडू तो शामिल नहीं ही हुए किसी मंत्री ने भी इसमें शिरकत नहीं की। इसे लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर न
देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की जयंती रविवार को मनाई गई। इस मौके पर संसद में आयोजित होने वाले पारंपरिक कार्यक्रम में राज्यसभा अध्यक्ष, लोकसभा स्पीकर और अन्य मंत्री शामिल नहीं हुए। इनकी गैरमौजूदगी पर कांग्रेस ने आपत्ति जताई और केंद्र सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी समेत पार्टी के कई नेता इस कार्यक्रम में शामिल हुए थे।
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राज्यसभा में कांग्रेस के चीफ व्हिप जयराम रमेश ने ट्विटर पर लिखा, 'संसद के केंद्रीय हॉल में जिन लोगों की तस्वीरें लगी हैं उनकी जयंती मनाने के लिए आयोजित होने वाले पारंपरिक कार्यक्रम के दौरान संसद में अलग नजारा दिखा। लोकसभा स्पीकर अनुपस्थित रहे। राज्यसभा के चेयरमैन अनुपस्थित रहे। एक भी मंत्री वहां मौजूद नहीं था। क्या इससे ज्यादा भी कुछ जघन्यता हो सकती है?'
इस बीच राज्यसभा सचिवालय ने सोमवार को कहा कि उप राष्ट्रपति संसद के केंद्रीय कक्ष में नेताओं की स्मृति में आयोजित कार्यक्रमों में परिपाटी के तहत भाग नहीं लेते। यह बयान ऐसे वक्त आया है जब एक दिन पहले खबर आई थी कि उप राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू 14 नवंबर को देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में नहीं आए।
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राज्यसभा सचिवालय ने एक बयान में कहा कि यह गुमराह करने की बात है कि उप-राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू कल के समारोह से दूर रहे। इन रिपोर्ट से उप राष्ट्रपति गहरा धक्का लगा है। सचिवालय ने यह भी कहा कि उप राष्ट्रपति रविवार को दिल्ली में थे और उन्होंने नेहरू को श्रद्धांजलि दी जिसकी खबर मीडिया में आई।
तृणमूल कांग्रेस ने भी उठाए केंद्र पर सवाल
जयराम रमेश के इस ट्वीट का उल्लेख करते हुए तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ ब्रायन ने भी केंद्र सरकार पर हमला बोला और उसके काम करने के तरीके पर सवाल उठाए। तृणमूल नेता ने अपने एक ट्वीट में लिखा, 'मुझे अब कुछ भी आश्चर्यचकित नहीं करता है। यह व्यवस्था (केंद्र सरकार) रोज ही देश के किसी न किसी महान संस्थान को खत्म कर रही है, इसमें संसद भी शामिल है।'