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Karnataka: CM सिद्धारमैया के समर्थन में आई कांग्रेस, BJP-JDS पर लगाया सरकार को अस्थिर करने की कोशिश का आरोप

Sun, 04 Aug 2024 11:10 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू

सार

Karnataka: कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने कहा कि हर को सिद्धारमैया की ईमानदारी को जानता है। वह यहां नए मुख्यमंत्री नहीं हैं। हर कोई उनके करियर के बारे में जानता है कि उन्होंने कहां से शुरुआत की और अभी वह कहां हैं।
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कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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कांग्रेस ने रविवार को मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण (एमयूडीए) और राज्य संचालित वाल्मिकी निगम घोटालों को लेकर विपक्ष के निशाने पर आए मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का समर्थन किया। राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी ने कहा कि वह जनता को सच्चाई बताएगी और सरकार को अस्थिर करने के प्रयासों के खिलाफ एकजुट होकर लड़ेगी। 

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पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने मंत्रियों के साथ बैठक की। बैठक में कांग्रेस महाचिव और राज्य के प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार भी मौजूद थे। यह बैठक राज्यपाल थावरचंद गहलोत की ओर से मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को भेजे गए कारण बताओ नोटिस के मद्देनजर हुई है। 

वेणुगोपाल ने कहा, हर को सिद्धारमैया की ईमानदारी को जानता है। वह यहां नए मुख्यमंत्री नहीं हैं। हर कोई उनके करियर के बारे में जानता है कि उन्होंने कहां से शुरुआत की और अभी वह कहां हैं। उनकी विचारधारा और उनकी विचारधारा और पृष्ठभूमि के बारे में सभी लोग जानते हैं। 
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बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए वेणुगोपाल ने कहा, भाजपा और जद (एस) को पता है कि गरीब लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए कांग्रेस सरकार की गारंटी से उन्हें राजनीतिक रूप से नुकसान होगा और इसलिए वे सरकार और मुख्यमंत्री पर निशाना साध रहे हैं। 

इसलिए उन्होंने साजिश रची और सिद्धारमैया व कांग्रेस सरकार के खिलाफ कुछ आरोप लगाए। इस तरह वे सरकार को अस्थिर करने का प्रयास कर रहे हैं। दुर्भाग्य से राज्य के राज्यपाल भाजपा की साजिश का औजार बन गए हैं। भाजपा और जद (एस) कथित रूप से फर्जी तरीके से जमीन आवंटन के खिलाफ शनिवार से एक हफ्ते तक चले वाली 'मैसूर चलो' पदयात्रा है। विपक्षी पार्टियों सिद्धारमैया से इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। 

कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने 26 जुलाई को मुख्यमंत्री को कारण बताओ नोटिस जारी किया और आरोपों पर सात दिनों के भीतर अफना जवाब देने का निर्देश दिया था। 

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