महाराष्ट्र में कांग्रेस का चिंतन शिविर।
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देश में बढ़ते धार्मिक ध्रुवीकरण को लेकर महाराष्ट्र कांग्रेस चौकन्नी हो गई है। अहमदनगर जिले के शिर्डी में हुए दो दिवसीय चिंतन शिविर में इसे लेकर मंथन किया गया है। इसमें पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को सलाह दी गई है कि वे हिंदू विरोधी छवि को बदलने के लिए हिंदू त्योंहारों में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लें।
शिर्डी चिंतन शिविर में पीडब्लूडी मंत्री अशोक चव्हाण की अध्यक्षता वाली पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति ने सलाह दी है कि कांग्रेस की छवि को बदलने पर जोर दिया जाना चाहिए। इसलिए प्रदेश कांग्रेस ने तय किया है कि नेताओं-कार्यकर्ताओं से हिंदू त्योहारों में बढ़-चढ़कर शामिल होने के लिए कहा जाएगा।
प्रदेश कांग्रेस के चिंतन शिविर के अंतिम दिन पार्टी की छवि बदलने को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। इस दौरान विदर्भ के कांग्रेस नेताओं ने नागपुर में राम नवमी उत्सव से कांग्रेस नेताओं की दूरी पर सवाल उठाए। दो दिनों की चर्चा के बाद पार्टी इस निष्कर्ष पर पहुंची कि भाजपा द्वारा गढ़ी गई कांग्रेस की हिंदू विरोधी छवि से पार्टी को भारी नुकसान हो रहा है। चर्चा के दौरान नेताओ ने कहा की फिलहाल पार्टी के सामने सबसे बड़ी चुनौती नेतृत्व और हिंदू विरोधी छवि ही है। इसे दूर करना जरूरी है, ताकि पार्टी को लेकर लोगों की धारणा बदल सके।
महाराष्ट्र कांग्रेस में 50 फीसदी युवाओं को मिलेगी अहम जिम्मेदारी
कांग्रेस के चिंतन शिविर में अधिक से अधिक संख्या में युवाओं को पार्टी से जोड़ने के लिए 50 फीसदी पद युवाओं को देने का निर्णय़ लिया गया। पार्टी के नेता मुनाफ हकीम ने बताया कि राज्यस्तर से लेकर जिलास्तर तक 50 फीसदी युवा (50 साल से कम) और 50 फीसदी वरिष्ठजनों (50 से ऊपर) को पद दिया जाएगा। इससे पार्टी में युवा जोश का संचार होगा और पार्टी महाराष्ट्र में खोई हुई अपनी राजनीतिक जमीन फिर से हासिल कर सकेगी।