भारतीय रुपये की कीमत अपने सर्वकालिक निम्नतम स्तर पर पहुंचने के बाद कांग्रेस ने सोमवार को मोदी सरकार पर हमला बोला और कहा कि भारतीय मुद्रा इस समय 'आईसीयू' में है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री देश की आर्थिक और सामाजिक सच्चाइयों को हमेशा के लिए नहीं छिपा सकते। इसके बाद उन्होंने ट्विटर पर भी पीएम मोदी को घेरा।
राहुल गांधी ने ट्वीट में प्रधानमंत्री मोदी को याद दिलाया कि किस तरह वह रुपये की कीमत में गिरावट पर अपने पूर्ववर्ती मनमोहन सिंह की आलोचना किया करते थे। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि गिरता रुपया निर्यात को बढ़ाने के लिए अच्छा है अगर निर्यातकों को पूंजी के स्वरूप में सहयोग मिल सके।
कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री को आर्थिक संकट का संज्ञान लेना चाहिए और पीआर के रूप में भटकाव की पेशकश करने के स्थान पर समाधान उपलब्ध कराने की ओर काम करना चाहिए। दूसरी ओर, कांग्रेस महासचिव और पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि भारतीय रुपया अब एक डॉलर के मुकाबले 77.41 रुपये पर पहुंच गया है, ऐसा पिछले 75 साल में कभी नहीं हुआ।
सुरजेवाला ने एक ट्वीट में कहा, 'मोदी सरकार के कार्यकाल के दौरान भारतीय रुपया आईसीयू में है। मोदी सरकार के तहत भारतीय रुपया भाजपा के 'मार्गदर्शक मंडल' की आयु को पार कर गया है। मोदी सरकार के तहत भारतीय रुपये प्रधानमंत्री की आयु से भी अधिक गिर गया है और इसका कारण क्या है।'
मार्गदर्शक मंडल भाजपा के अति वरिष्ठ नागरिकों का एक समूह है जिसमें पूर्व पार्टी अध्यक्ष लाल कृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी भी शामिल हैं। इसका गठन मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद पार्टी को निर्देशन देने के लिए किया गया था। आडवाणी और जोशी को इसमें रखने को नए पार्टी नेतृत्व की ओर से इन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया से बाहर रखने की कोशिश के तौर पर देखा गया था।
'सीएम मोदी इसे राष्ट्र विरोधी बताते, पीएम मोदी मौन हैं'
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी एक ट्वीट में कहा, 'डॉलर के मुकाबले रुपया अपने सर्वकालिक निचले स्तर पर पहुंच गया है। सीएम मोदी सरकार की आलोचना करते और इसे राष्ट्रविरोधी बताते। पीएम मोदी मौन हैं।'