सरकार ने कहा है कि पहली कोविड वैक्सीन खुराक लेने के बाद किसी लाभार्थी को दूसरी खुराक के लिए भी एक ही मोबाइल नंबर का इस्तेमाल करना होगा। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि अगर कोई लाभार्थी दूसरी खुराक के लिए अलग मोबाइल नंबर का उपयोग करता है और टीकाकरण का समय निर्धारित करता है, तो यह स्वचालित रूप से लाभार्थी के लिए पहली खुराक के रूप में पहचाना जाएगा। कुछ मीडिया रिपोर्टों में कोविन में तकनीकी गड़बड़ियों की खबरों के बीच मंत्रालय का यह बयान सामने आया है। पुणे में 2.5 लाख लाभार्थियों को दो नंबरों से दो बार खुराक लेने पर दो पहली खुराक के प्रमाणपत्र जारी किए गए हैं।
बयान में कहा गया है कि लाभार्थी को केवल पंजीकरण के लिए अपना मोबाइल नंबर देना होगा। साथ ही नाम, आयु (जन्म का वर्ष) और लिंग का विवरण देकर टीकाकरण के लिए अपॉइंटमेंट शेड्यूल करने या केंद्र पर जाकर वैक्सीन लेना होगा। पहचान के प्रमाण के रूप में नौ फोटो पहचान प्रमाणों में से किसी एक को चुनने का विकल्प दिया गया है। टीकाकरण की पहली खुराक लेने के बाद किसी लाभार्थी को टीकाकरण की पहली खुराक के समय उपयोग किए गए उसी मोबाइल नंबर के साथ दूसरी खुराक लेनी होगी।
यदि कोई लाभार्थी दूसरी खुराक के लिए एक अलग मोबाइल नंबर का उपयोग करता है और टीकाकरण का समय निर्धारित करता है, तो यह स्वचालित रूप से लाभार्थी के लिए पहली खुराक के रूप में पहचाना जाएगा। इसके अलावा एक ही पहचान प्रमाण को दो अलग-अलग मोबाइल नंबरों पर उपयोग करने की अनुमति नहीं है। बयान में कहा गया है कि अगर नाम, आयु और लिंग लाभार्थी द्वारा जमा किए गए फोटो आईडी प्रूफ के अनुसार मेल खाते हैं, तो कोविन पहली दो खुराक प्रमाणपत्रों को विलय करके एकल प्रमाणपत्र देता है। यह मानना कि सिस्टम को दो अलग-अलग मोबाइल नंबरों और फोटो आईडी प्रूफ को पहली दो खुराक के लिए एक ही प्रमाणपत्र देगा, बेतुका है।