कांग्रेस ने सरकारी उपक्रमों को बेचने के केंद्र सरकार के फैसले पर कहा कि क्या सरकार सिर्फ नॉर्थ और साउथ ब्लॉक में ही दिखेगी। पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ नेता राजीव शुक्ला ने कहा कि एक ओर सरकार जनता पर महंगाई का बोझ डाल रही है और वहीं जनता के पैसे से खड़े किए सरकारी उपक्रमों को निजी हाथों में सौंपने का फैसला ले रही है। सरकार को अपने इस फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए।
वहीं पार्टी प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने कहा कि सरकार ‘हम दो हमारे दो, जो भी मिले बेच दो’ के फॉर्मूले पर चल रही है। आज कोई भी क्षेत्र देख लें जो कुछ भी बिक रहा है, दो समूहों के पास ही जा रहा है। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्रालय के अंदर एक दीपम विभाग काम करता है जिसका काम विनिवेश करना है।
जबकि उसके तहत निजीकरण का ड्राइव चलाया जा रहा है और इसका लाभ दो लोगों को ही मिल रहा है, मिलने वाला है या मिलेगा। हवाई अड्डे, कोल, शिपिंग कारपोरेशन को कौन खरीदेगा, किसने खरीदा है देश जानता है। निजीकरण के नाम पर देश की जनता की कमाई से बने उपक्रम सरकार दो समूहों के हवाले करने का काम कर रही है।