राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा
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वायनाड से कांग्रेस सांसद और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी अलाप्पुझा के पुन्नमदा झील में 'स्नेक बोट रेस' प्रदर्शनी में शामिल हुए। इस दौरान उनके साथ कांग्रेस के अन्य नेता भी मौजूद रहे। इससे पहले कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ अलाप्पुझा के पुन्नापरा अरवुकड़ में अपने 12वें दिन 'भारत जोड़ी यात्रा' की शुरुआत की।
राहुल गांधी यात्रा के दौरान 12 राज्यों से गुजरेंगे
इस यात्रा के दौरान राहुल 12 राज्यों से गुजरकर 3,570 किलोमीटर लंबी दूरी तय करने वाले हैं। यह यात्रा पांच महीनों तक चलेगी। कांग्रेस का कहना है कि राहुल गांधी आर्थिक विषमताओं, सामाजिक ध्रुवीकरण, राजनीतिक केंद्रीकरण की समस्याओं और विचारधाराओं की लड़ाई के रूप में यह रैली कर रहे हैं।
कंटेनर में सो रहे हैं राहुल गांधी
- राहुल गांधी रात के समय कंटेनर में सो रहे हैं । कुछ कंटेनरों में स्लीपिंग बेड, शौचालय और एयर-कंडीशनर भी लगाए गए हैं। यात्रा के दौरान कई क्षेत्रों में तापमान और वातावरण में अंतर होगा। स्थान परिवर्तन के साथ भीषण गर्मी और उमस को देखते हुए व्यवस्था की गई है।
- लगभग 60 ऐसे कंटेनर तैयार किए गए हैं जहां एक गांव स्थापित किया गया है। रात्रि विश्राम के लिए कंटेनर को गांव के आकार में प्रतिदिन नई जगह पर खड़ा किया जाएगा।
- राहुल गांधी के साथ रहने वाले पूर्णकालिक यात्री एक साथ भोजन करेंगे। सूत्रों ने आगे कहा कि राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा यात्रा को आम लोगों से जुड़ने का जरिया मानते हैं।
- इसलिए वह इस पूरी यात्रा को चकाचौंध और ग्लैमर से दूर एक सरल तरीके से पूरा करना चाहते हैं। राहुल गांधी इसे एक यात्रा कहते हैं लेकिन राजनीतिक विश्लेषक इसे 2024 की तैयारी मानते हैं।
महाराष्ट्र में भी राहुल को अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव पारित
इस बीच महाराष्ट्र कांग्रेस ने राहुल गांधी को पार्टी अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव पारित किया। इससे उत्तर प्रदेश, गुजरात और छत्तीसगढ़ जैसे राज्य भी ऐसा ही प्रस्ताव पारित कर चुके हैं। इसके अलावा तमिलनाडु और बिहार प्रदेश कांग्रेस ने भी इस आशय के प्रस्ताव पारित किए।
‘भारत जोड़ो यात्रा’ पर पवार ने दी प्रतिक्रिया
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) प्रमुख शरद पवार ने भी राहुल गांधी के नेतृत्व में निकाली जा रही ‘भारत जोड़ो यात्रा’ पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता और उनकी पार्टी के लिए यह फायदेमंद हो सकती है। पवार ने संकेत दिया कि 2024 के आम चुनावों के लिए यदि विपक्षी एकता आकार लेती है तो वह कांग्रेस को शामिल करने के खिलाफ नहीं हैं। पवार ने कहा कि ‘भारत जोड़ो यात्रा’ जैसी बड़ी पदयात्राओं का राजनीतिक प्रभाव पड़ता है और लोग ऐसे कार्यक्रमों का ईमानदारी से स्वागत करते हैं।