केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान
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केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान और मुख्यमंत्री पी. विजयन के बीच तनातनी का नया दौर शुरू होता दिख रहा है। केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने सोमवार को आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री कार्यालय में काम कर रहा एक वरिष्ठ अधिकारी दिसंबर 2019 में कन्नूर विश्वविद्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में उन पर हुए हमले में शामिल था।
राज्यपाल ने कहा, पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में हुआ हमला
राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान राजभवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कहा कि कन्नूर में कई पुलिस कर्मियों की मौजूदगी में मुझ पर हमला हुआ। इस घटना से जुडे़ वीडियो में आप उस वरिष्ठ राजनीतिक अधिकारी को देख सकते हैं, जो मौजूदा वक्त में मुख्यमंत्री कार्यालय में काम कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उस अधिकारी ने पुलिस को कार्रवाई करने से रोक दिया था। इसके साथ ही राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कन्नूर विश्वविद्यालय में आयोजित हुए कार्यक्रम के वीडियो भी चलाए।
आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि सार्वजनिक सभा में बोलने से रोकने और डराने के लिए उनके साथ ऐसा किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि सीएम पी. विजयन ने कथित तौर पर पुलिस से इस मामले में केस नहीं दर्ज करने को कहा था। राज्यपाल खान ने यह भी कहा कि कन्नूर विश्वविद्यालय में हुई घटना में शामिल षडयंत्रकारी मेरी जान लेना नहीं चाहते थे। उनका मकसद केवल मुझे डराना था।
राज्यपाल बोले, संघ से दोस्ताना संबंध क्यों नहीं हो सकते
राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने सोमवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के साथ 1986 से अपने घनिष्ठ संबंध को याद किया और कहा कि संगठन के साथ उनके मैत्रीपूर्ण संबंध क्यों नहीं हो सकते। राज्यपाल ने कहा कि देश में विभिन्न राजभवनों में ऐसे लोग हैं जो खुले तौर पर और आधिकारिक तौर पर आरएसएस से जुड़े हैं। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा था कि वह पहले स्वयंसेवक हैं और जवाहरलाल नेहरू ने गणतंत्र दिवस परेड में संगठन को आमंत्रित किया था, तो आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से मिलने जाने में क्या समस्या है।
वह पत्रकारों के एक सवाल का जवाब दे रहे थे कि जब आरएसएस प्रमुख दक्षिणी राज्य में थे तो हाल ही में त्रिशूर में उन्होंने भागवत से मुलाकात क्यों की। क्या आरएसएस एक प्रतिबंधित संगठन है? राज्यपाल राजभवन में एक संवाददाता सम्मेलन में बोल रहे थे कि 2019 में कन्नूर विश्वविद्यालय के एक कार्यक्रम में उनके साथ मारपीट की गई थी और उसका वीडियो भी जारी किया। साथ ही जानकारी दी कि उनके और केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के बीच विश्वविद्यालयों के कामकाज पर पत्रों का आदान-प्रदान किया गया था। खान ने कहा कि आरएसएस के साथ उनका जुड़ाव या संबंध 1986 में शुरू हुआ जब संघ ने शाह बानो मामले में उनका समर्थन किया था।