कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता मणि शंकर अय्यर भी देश में हिंदू धर्म और हिंदुत्व को लेकर चल रही बहस में शामिल हो गए। अय्यर ने भाजपा की मानसिकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि सत्ता में बैठे लोग देश की केवल 80 फीसदी आबादी को 'असली भारतीय' मानते हैं जो हिंदू धर्म का पालन कर रही है।
अय्यर ने कहा, हम इस देश के सभी नागरिकों को भारतीय मानते हैं। लेकिन कुछ लोग हैं जो इस समय सत्ता में हैं, उनका मानना है कि 80 फीसदी लोग ही सच्चे भारतीय हैं जो हिंदू धर्म का पालन करते हैं। बाकी लोग भारतीय नहीं हैं, देश में मेहमान की तरह हैं जिन्हें यहां से वह कभी भी निकाल सकते हैं।
मणिशंकर अय्यर ने यह बात रविवार को देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की 132वीं जयंती पर आयोजित एक कार्यक्रम में कही। उन्होंने कहा कि भारत की विविधता को सबसे बेहतर तरीके से जवाहरलाल नेहरू ने समझा था और हमारे लिए भी इसे समझना बहुत अधिक आवश्यक है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री अय्यर ने भारत की विविधता को उल्लेखित करते हुए कहा कि पंडित नेहरू जानते थे कि भारत में कई भाषाओं, रंगों, जातियों, परंपराओं, संगीत, साहित्य और दर्शन से जुड़े हुए लोग हैं। अगर हम इसे नहीं समझेंगे तो इसका अर्थ है कि हम भारत माता की प्रशंसा नहीं बल्कि निंदा कर रहे हैं।
अय्यर ने कहा कि जो हिंदुत्व में भरोसा करते हैं और जो लोग संविधान में भरोसा करते हैं, उनमें यही अंतर है। उनकी यह टिप्पणी पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के उस बयान के बाद आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि हिंदू धर्म और हिंदुत्व अलग-अलग हैं। उन्होंने भाजपा और संघ पर भी सवाल उठाए थे।
उन्होंने इस दौरान मुगलों और अंग्रेजों में अतंर को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि मुगलों ने भारत को अपना घर बनाया था जबकि अंग्रेजों ने कहा था कि हम यहां राज करने आए हैं लेकिन यह हमारा घर नहीं है। भारत ऐसा अकेला देश है जहां मुसलमान आए थे लेकिन यह इस्लामी देश नहीं बना।