दुनिया में जलवायु परिवर्तन को लेकर किए जा रहे कामों के चलते पर्यावरण सम्मेलन में भारत सुर्खियां बटोर रहा है। ग्लासगो में हो रहे कॉप-26 दुनिया के देशों की जलवायु परिवर्तन वार्ता सम्मेलन में भाग लेने गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन से पूर्व कांग्रेस नेता और पूर्व पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने ट्वीट कर उन पर निशाना साधा है।
वैश्विक सुर्खियां, स्थानीय सिरदर्द, जयराम रमेश ने तंज कसते हुए कहा उम्मीद की जा रही है कि पीएम ग्लासगो में घोषणा कर सकते हैं कि भारत 2030 तक अपनी अक्षय ऊर्जा क्षमता को दोगुना से ज्यादा कर देगा। लागत में नाटकीय कटौती इसे अपरिहार्य बनाती है, लेकिन वह(मोदी सरकार) जो याद करना नहीं चाहते, वह यह है कि उनकी सरकार भारत में पर्यावरण और वन कानूनों को कमजोर कर रही है।
प्रधानमंत्री ग्लासगो में कॉप-26 शिखर बैठक में भारत जलवायु कार्रवाई एजेंडा पेश करेंगे तथा इस इस क्षेत्र में उठाए गए श्रेष्ठ कदमों एवं उपलब्धियों के बारे में बताएंगे। सोमवार को भारत पोलैंड के बाद अपना पक्ष रखेगा। यह पहली बार नहीं है, जब जयराम रमेश ने मोदी सरकार को घेरा है इससे पहले उन्होंने 22 अक्तूबर को भी पीएम मोदी के शासन में पर्यावरण कानूनों को कमजोर करने का आरोप लगाया था।