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सोनिया गांधी से मिले आजाद: 10 जनपथ पहुंचकर की मुलाकात, बोले- विपक्षी दलों को हराने के लिए एकजुट होकर लड़ने पर चर्चा हुई

Fri, 18 Mar 2022 09:43 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

इससे पहले सोनिया गांधी ने गुरुवार को आजाद से दो बार फोन पर बात की थी। उधर, वायनाड से कांग्रेस सांसद और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी बागी खेमे के भूपेंद्र सिंह हुड्डा से मुलाकात की थी। दोनों के बीच मुलाकात करीब 45 मिनट तक चली थी।
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गुलाम नबी आजाद - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद शुक्रवार को पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात करने 10 जनपथ पहुंचे। माना जा रहा है कि इस बैठक में आजाद ने जी-23 समूह के विचारों को सोनिया गांधी के सामने विस्तार से रखा है। सोनिया से मुलाकात से पहले आजाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कर्ण सिंह के आवास पर पहुंचे और उन्हें होली की शुभकामनाएं दीं।

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उन्होंने कहा कि फिलहाल नेतृत्व परिवर्तन कोई मुद्दा नहीं है। हमने सिर्फ संगठन को मजबूत बनाने और आने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियों को लेकर अपने सुझाव दिए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अध्यक्ष का चुनाव कुछ महीने बाद होना है और पार्टी के कार्यकर्ता इस बारे में फैसला करेंगे।

उन्होंने कहा कि संगठन को मजबूत बनाने के लिए सोनिया गांधी से चर्चा होती रही है। कुछ दिनों पहले कार्य समिति की बैठक हुई थी और सुझाव मांगे गए थे कि हार के क्या कारण हैं। कैसे पार्टी को मजबूत करना है? मैंने भी अपने सुझाव दिए थे। आज मैंने संगठन को मजबूत करने के लिए अपने सुझावों को दोहराया है।
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उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले विधानसभा चुनाव में कैसे अपने विरोधियों का एकजुट होकर मुकाबला किया जाए और किस तरह से संगठन को मजबूत किया जाए, यही चर्चा हुई। इसके अलावा कुछ बात नहीं हुई।

सिब्बल के बयान के बारे में पूछे जाने पर आजाद ने कहा कि अभी नेतृत्व को लेकर कोई सवाल नहीं आया। सोनिया गांधी ने कार्यसमिति की बैठक में इस्तीफे की पेशकश की थी, तो हम सब लोगों ने कहा कि आप बनी रहिए। अभी पार्टी के चुनाव नहीं हो रहे। कुछ महीने में चुनाव होगा, उस वक्त पार्टी कार्यकर्ता फैसला करेंगे कि कौन अध्यक्ष बनेगा। आज तो अध्यक्ष पद खाली नहीं है।

इससे पहले सोनिया गांधी ने गुरुवार को आजाद से दो बार फोन पर बात की थी। उधर, वायनाड से कांग्रेस सांसद और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी बागी खेमे के भूपेंद्र सिंह हुड्डा से मुलाकात की थी। दोनों के बीच मुलाकात करीब 45 मिनट तक चली थी।

पांच राज्यों में हुए चुनाव में मिली करारी हार के बाद कांग्रेस पार्टी में कलह फिर से उजागर हो गई थी। इसके बाद से पार्टी जी-23 समूह एक बार फिर सक्रिय हो गया था। इस बागी गुट ने दो दिन में दो बैठकें बुलाईं। गुलाम बनी आजाद के घर पर हुईं इन बैठकों में कपिल सिब्बल, आनंद शर्मा, भूपेंद्र सिंह हुड्डा, शशि थरूर, एमए खान, संदीप दीक्षित, विवेक तन्खा, आनंद शर्मा, पृथ्वीराज चव्हाण, मणिशंकर अय्यर समेत कई बड़े नेता शामिल हुए थे। 

इस बैठक के बाद कांग्रेस के जी-23 नेताओं का संयुक्त बयान जारी किया था। इसमें कहा गया था कि भाजपा का विरोध करने के लिए कांग्रेस पार्टी को मजबूत करना जरूरी है। हम कांग्रेस पार्टी से मांग करते हैं कि 2024 के लिए एक विश्वसनीय विकल्प का मार्ग प्रशस्त किया जाए और इसके लिए एक मंच बनाया जाए। साथ ही अन्य दल जो हमारी विचारधारा से सहमत हों, उनसे बातचीत शुरू की जाए।

इससे पहले पार्टी के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने पिछले दिनों एक साक्षात्कार में कहा था कि गांधी परिवार को कांग्रेस का नेतृत्व छोड़ देना चाहिए और किसी अन्य नेता को मौका देना चाहिए। इसके बाद गांधी परिवार के करीबी माने जाने वाले कुछ नेताओं ने सिब्बल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।

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