कांग्रेस प्रवक्ता के मुताबिक, 'जीडीपी क्यों गिर रही है? महंगाई दर क्यों बढ़ रही है और इसे कम कैसे किया जाएगा? मांग में लगातार कमी आ रही है, मांग बढ़ाने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं? बेरोजगार लोगों की मदद के लिए क्या किया जा रहा है? वित्त मंत्री ने इस बारे में क्यों बात नहीं की।' उन्होंने कहा कि सरकार को समझना होगा कि इन बिंदुओं पर ध्यान दिए बिना अर्थव्यवस्था को पटरी पर नहीं लाया जा सकता।
किसानों से बात करने का सरकार के पास वक्त नहीं
किसानों की आय दोगुनी करने के लिए सरकार के कदमों के बारे में पूछे जाने पर वल्लभ ने कहा, 'पिछले सात महीनों में हमारे अन्नदाता दिल्ली के निकट बैठे हुए हैं। सरकार के पास समय नहीं है कि वह उनकी बात सुन ले, हमारी मांग है कि सरकार को अहंकार छोड़कर किसानों की बात सुननी चाहिए।'
गौरतलब है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कोविड महामारी से प्रभावित देश की अर्थव्यवस्था को गति देने के इरादे से सोमवार को एक और पैकेज की घोषणा की है। साथ ही उन्होंने सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र के लिए आपातकाल ऋण गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) के तहत सीमा 50 प्रतिशत बढ़ाकर 4.5 लाख करोड़ रुपये करने का भी एलान किया।