सिंघवी ने एक्स पर कहा, अवसर की समानता कभी भी परिणामों की समानता के समान नहीं होती है। 'जितनी आबादी-उतना हक' का समर्थन करने वाले लोगों को पहले इसके परिणामों को पूरी तरह से समझना होगा। यह अंततः बहुसंख्यकवाद में समाप्त हो जाएगा। हालांकि बाद में उन्होंने स्टाफ की लापरवाही बताते हुए पोस्ट को हटा दिया।
कांग्रेस ने झाड़ा पल्ला, कहा- विचार व्यक्तिगत
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सिंघवी की राय से कांग्रेस को अलग करते हुए कहा, सिंघवी के ट्वीट उनकी व्यक्तिगत नजरिये को प्रकट करते हैं, इससे कांग्रेस का कोई संबंध नहीं। रमेश ने कहा कि कांग्रेस बिहार में जाति जनगणना का स्वागत करती है। राहुल गांधी ने एक्स पर कहा था, बिहार की जाति गणना से पता चला है कि वहां ओबीसी, एससी और एसटी की आबादी 84 फीसदी है लेकिन, केंद्र के 90 सचिवों में सिर्फ तीन ओबीसी हैं। जितनी आबादी, उतना हक, हमारा प्रण है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जगदलपुर में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस को यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या आबादी के अनुपात में अधिकार दिए जा सकते हैं। मोदी ने यह भी पूछा कि क्या देश की सबसे पुरानी पार्टी मुसलमानों के अधिकारों को कम करना चाहती है।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को कहा कि बिहार की जातिगत जनगणना ने साबित कर दिया है कि राज्य में 84 फीसदी लोग ओबीसी, एससी और एसटी हैं और उनके अधिकार उनकी आबादी के अनुसार होने चाहिए। राहुल गांधी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि केंद्र सरकार के 90 सचिवों में से केवल तीन ओबीसी हैं, जो भारत के बजट का सिर्फ पांच फीसदी संभालते हैं। इसलिए, भारत के जातिगत आंकड़ों को जानना महत्वपूर्ण है।
पार्टी ने केंद्र से सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने और सामाजिक सशक्तिकरण कार्यक्रमों के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर तुरंत इसी तरह की कवायद करने का भी आह्वान किया था। विपक्षी दल ने कहा कि अगर मोदी सरकार जातिगत जनगणना नहीं कराती है तो कांग्रेस की सरकार बनते ही इसे कराया जाएगा ताकि हर वर्ग को उसका हक मिल सके।
छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में मंगलवार को भाजपा की 'परिवर्तन महासंकल्प' रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस ने किसी अन्य देश के साथ गोपनीय समझौता किया है और उसे भारत के खिलाफ बोलने में मजा आ रहा है। उन्होंने कहा, 'कांग्रेस कहती है कि लोगों की आबादी (संसाधनों पर) अधिकार तय करेगी, लेकिन मोदी के लिए गरीब लोग देश की सबसे बड़ी आबादी हैं और संसाधनों पर उनका पहला अधिकार है। गरीबों का कल्याण मेरा लक्ष्य है।'
उन्होंने कहा, 'पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह क्या सोच रहे होंगे? मनमोहन सिंह कहा करते थे कि देश के संसाधनों पर पहला अधिकार अल्पसंख्यकों का है और संसाधनों पर पहला अधिकार मुसलमानों का है। लेकिन अब कांग्रेस कह रही है कि आबादी तय करेगी कि किसे अधिकारों का कितना हिस्सा मिलेगा। क्या वे मुसलमानों के अधिकारों को कम करना चाहते हैं?' पीएम मोदी ने पूछा कि किसकी आबादी अधिक है, क्या 'जनसंख्या के अनुसार अधिकार' सुनिश्चित करना संभव होगा। क्या हिंदुओं को सभी अधिकार ले लेने चाहिए? कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या जनसंख्या के हिसाब से अधिकार दिए जाएंगे। क्या कांग्रेस अल्पसंख्यकों को हटाना चाहती है?
बिहार की नीतीश कुमार सरकार ने सोमवार को अपने बहुप्रतीक्षित जाति सर्वेक्षण के निष्कर्ष जारी किए, जिसमें खुलासा हुआ है कि ओबीसी और ईबीसी राज्य की कुल आबादी का 63 फीसदी हैं।
जातिगत जनगणना पर कांग्रेस महासचिव और सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा, हमारी पार्टी रुख बिल्कुल स्पष्ट है। हम जातिगत जनगणना के पक्ष में हैं। कांग्रेस अध्यक्ष और राहुल गांधी इस पर बयान दिया है।