केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सोमवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपने शासन के दौरान अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय को 'मुस्लिम मामलों के मंत्रालय' में बदल दिया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता नेता राहुल गांधी अब झूठा प्रचार कर रहे हैं कि भारत में अल्पसंख्यक असुरक्षित हैं। रिजिजू ने कहा कि मुसलमानों को कांग्रेस का वोट बैंक नहीं बनना चाहिए, क्योंकि इससे केवल देश ही नहीं, बल्कि समुदाय को भी नुकसान पहुंच रहा है।
रिजिजू ने कहा, मैं अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय का प्रभार संभालते हुए कुछ बातें स्पष्ट करना चाहता हूं। कांग्रेस के शासन के दौरान अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय को 'मुस्लिम मामलों के मंत्रालय' में बदल दिया गया था। हम इस धारणा को बदलने की कोशिश कर रहे हैं। हमारी सरकार देश के सभी अल्पसंख्यकों के लिए समान रूप से काम कर रही है और देश हित के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासन में मंत्रालय ने केवल मुसलमानों पर फोकस किया, क्योंकि उन्हें वोट बैंक के रूप में देखा जाता था। रिजिजू ने आगे कहा, नरेंद्र मोदी सरकार की योजनाएं मुसलमानों को उसी तरह लाभ पहुंचा रही हैं, जैसे अन्य समुदायों को। तो फिर मुसलमानों को कांग्रेस के लिए वोट बैंक क्यों बने रहना चाहिए? यह न केवल देश के लिए नुकसानदेह है, बल्कि मुसलमानों के लिए भी। जब वे किसी एक राजनीतिक पार्टी और उसके सहयोगियों के वोट बैंक बन जाते हैं, तो इससे उन्हें अधिक नुकसान होता है।
रिजिजू ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार सभी छह अल्पसंख्यक समुदायों के साथ काम करेगी और इसको लेकर लोगों को जागरूक करेगी कि राहुल गांधी और उनके सहयोगी यह गलत धारणा फैला रहे हैं कि अल्पसंख्यक भारत में सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी विदेश में देश की छवि खराब करते हैं और भारत विरोधी ताकतों के साथ करते हैं। रिजिजू ने कहा, देखिए किस तरह की राजनीतिक खेली जा रही है? क्या आपने कभी सुना है कि कोई नेता विदेश जाकर देश की छवि खराब करता है? लोग उन्हें दस साल से नकार रहे हैं और अब वे विदेश जाकर देश को बुरा-भला कह रहे हैं।