कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टर की हत्या के बाद उसका नाम उजागर करने के मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट ने पूर्व पुलिस कमिश्नर विनीत गोयल को हलफनामा दायर करने के लिए कहा है। मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवगनम और न्यायमूर्ति बिवास पटनायक की खंडपीठ ने कहा कि विनीत गोयल हलफनामे में यह भी जिक्र करें कि अदालत स्वतंत्र रूप से मामले को आगे बढ़ा सकती है और याचिका की प्रार्थना पर विचार कर सकती है।
पीठ ने गोयल को याचिका में लगाये गये आरोपों के खिलाफ सात नवंबर तक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया। वहीं पीठ ने पश्चिम बंगाल सरकार और केंद्र को भी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया। इसके अलावा याचिकाकर्ता को 14 नवंबर के भीतर अपने हलफनामे के जवाब में एक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया गया। जब मामले पर फिर से सुनवाई होगी।
पीठ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट आरजी कर अस्पताल के डॉक्टर के बलात्कार-हत्या मामले की सुनवाई कर रहा है। इसलिए वह यह सुनिश्चित करना चाहेगा कि क्या वह इस याचिका पर स्वतंत्र रूप से सुनवाई कर सकता है? पूर्व सीपी विनीत के खिलाफ पीड़िता का नाम उजागर करने के आरोप में अनामिका पांडे ने कलकत्ता हाईकोर्ट में मामला दायर किया है।
पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने कहा था कि आरजी कर मामले का मुख्य मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। तब चीफ जस्टिस टीएस शिवगनम और जस्टिस हिरण्मय भट्टाचार्य की डिवीजन बेंच ने कहा था कि इस मामले में हाईकोर्ट फिलहाल हस्तक्षेप नहीं करेगा।
उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट में आरजी कर मेडिकल में दुष्कर्म और हत्या के आरोपों की सुनवाई हुई थी। पीड़िता का नाम उजागर करने के मामले की याचिका दायर करने वाली अनामिका के वकील महेश जेठमलानी ने हाईकोर्ट में कहा था कि शीर्ष अदालत ने इस मामले में हस्तक्षेप नहीं किया है, इसलिए हाईकोर्ट की सुनवाई में कोई बाधा नहीं है। वकील जेठमलानी की मांग है कि इस मामले की शीघ्र सुनवाई की जाए।