मैसूर के दिवंगत महाराजा द्वारा भूमि हस्तांतरण की जांच को चुनौती देने वाली उप-रजिस्ट्रार की याचिका खारिज
कर्नाटक हाई कोर्ट ने मैसूर के दिवंगत महाराजा श्रीकांतदत्त नरसिम्हा राजा वोडेयार द्वारा कथित तौर पर हस्ताक्षरित एक संपत्ति के पंजीकरण के बारे में उनके खिलाफ जांच को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया। ये याचिका एक उप-पंजीयक द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया है।
बता दें कि दावा किया जाता है कि वोडेयार ने 10 दिसंबर 2013 को अपनी मौत से पहले 7 दिसंबर, 2013 को अलानाहल्ली गांव, कसाबा होबली, मैसूरु में 300 फीट गुणा 200 फीट की संपत्ति पर हस्ताक्षर किए थे। इसके खिलाफ उनकी पत्नी प्रमोदा देवी ने धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी, जिसे अक्टूबर 2015 में बंद कर दिया गया था।
बाद में अप्रैल 2016 में, एक सरकारी कर्मचारी एचएस चेलुवाराजू ने तत्कालीन उप-पंजीयक रामप्रसाद आर पर धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए लोकायुक्त के पास शिकायत दर्ज की। इस पर वरिष्ठ उप-पंजीयक ने इसे कर्नाटक राज्य प्रशासनिक न्यायाधिकरण (केएसएटी) के समक्ष चुनौती दी। जिसने लोकायुक्त द्वारा जांच पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। इस पर उन्होंने हाई कोर्ट का रुख किया। जस्टिस जी नरेंद्र और सीएम पूनाचा की पीठ ने हाल ही में सुनाए गए अपने फैसले में उनकी याचिका खारिज कर दी।