समुद्र की निगरानी कर रहे विमान आईसीजी डोर्नियर ने 16 जुलाई की रात में एक भारतीय मछली पकड़ने वाली नाव को लहरों में फंसा देखा। बताया गया कि कील के पास पतवार टूटने से नाव आगे नहीं बढ़ पा रही थी और भारी बारिश के चलते समुद्री लहरों में फंस गई। नाव में पानी भरने लगा।
केरल तट के पास बुधवार को पतवार टूटने के चलते मछली पकड़ने वाली एक भारतीय नाव आशनी समुद्री लहरों में फंस गई। इस घटना के दौरान नाव में चालक दल के 11 सदस्य सवार थे। वहीं सूचना मिलने पर तटरक्षक बल ने तत्काल कार्रवाई करते हुए नाव समेत सभी सदस्यों को बचा लिया।
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समुद्री विमान आईसीजी डोर्नियर ने दी थी जानकारी
रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि समुद्र की निगरानी कर रहे विमान आईसीजी डोर्नियर ने 16 जुलाई की रात में एक भारतीय मछली पकड़ने वाली नाव को लहरों में फंसा देखा। बताया गया कि कील के पास पतवार टूटने से नाव आगे नहीं बढ़ पा रही थी और भारी बारिश के चलते समुद्री लहरों में फंस गई। नाव में पानी भरने लगा। नाव में सवार चालक दल के 11 सदस्यों के लिए जान का खतरा पैदा हो गया था। चालक दल के सदस्यों से नाव में भरे पानी को कम करने का प्रयास किया, लेकिन बारिश के चलते सफलता नहीं मिली।
भारतीय तटरक्षक बल ने चलाया अभियान
इसकी जानकारी मिलने पर भारतीय तटरक्षक बल ने एक समुद्री हवाई अभियान चलाया। बारिश और खराब मौसम के बीच तटरक्षक बल ने कोच्चि से 80 समुद्री मील दूर फंसी भारतीय नाव आशनी को बचा लिया। वहीं तटरक्षक बल ने समुद्र में गश्त कर रहे आईसीजी जहाज सक्षम को नाव की सहायता के लिए भेजा। अभियान के दौरान तटरक्षक बल की टीम नाव पर चढ़ गई और पानी को कम किया। इसके साथ ही नाव के चालक दल के सदस्यों का हेलीकॉप्टर और आईसीजी जहाज से रेस्क्यू किया गया। तटरक्षक बल ने जानकारी दी कि अभियान के बाद नाव को मत्स्य विभाग को सौंप दिया गया।