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Odisha: महानदी में बाढ़ से हाल बेहाल, CM पटनायक ने की समीक्षा, अधिकारियों को दिया निर्देश- किसी की जान ना जाए

Tue, 16 Aug 2022 07:31 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर

सार

सीएम नवीन पटनायक ने राहत कार्यों में जुटे अधिकारियों और जिला अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे सुनिश्चित करें कि राज्य में बाढ़ से किसी की जान ना जाए। सीएम ने लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने और उन्हें बुनियादी सुविधा मुहैया कराने का निर्देश दिया है। 
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नवीन पटनायक (फाइल)
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विस्तार
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ओडिशा की जीवन रेखा कही जाने वाली महानदी और उसकी सहायक नदियों में बाढ़ आ गई है। जिसके कारण प्रदेश में बाढ़ की स्थिति गम्भीर हो गई है। सैकड़ो गांव जलमग्न हो गए हैं। दरअसल, हीराकुंड जल भंडार से पानी छोड़ा गया है जिसके चलते ऐसे हालात पैदा हो गए हैं। राज्य में बाढ़ को देखते हुए सीएम नवीन पटनायक ने मंगलवार को समीक्षा बैठक बुलाई है। 

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ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक ने मंगलवार को राज्य में बाढ़ के हालात की समीक्षा की। वीडियो कान्फ्रेसिंग के जरिए उन्होंने स्थिति का जायजा लिया है। सीएम ने राहत कार्यों में जुटे अधिकारियों और जिला अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे सुनिश्चित करें कि राज्य में बाढ़ से किसी की जान ना जाए। सीएम ने लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने और उन्हें बुनियादी सुविधा मुहैया कराने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य में पहले ही बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। राज्य के आठ जिले पूरी तरह जलमग्न हैं। इन जिलों में आवागमन और जनजीवन पूरी तरह से ठप है।

सीएम के निर्देश के बाद विशेष राहत आयुक्त पी के जेना ने बताया कि राज्य इस मौसम की पहली बाढ़ का सामना कर रहा है। मौसम विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सप्ताह भर चलने वाले हवा के कम दबाव के कारण समुद्र तटीय क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण बाढ़ आई है। विशेष राहत आयुक्त पी के जेना ने कहा कि अगले 48 से 72 घंटे महानदी डेल्टा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि कटक के पास मुंडाली बैराज में लगभग 12 लाख क्यूसेक बाढ़ का पानी छोड़ा जाएगा और अन्य नदियों में जल स्तर लगभग 10 लाख क्यूसेक रहेगा। अगले 48 घंटों के बाद अलग-अलग गेज बिंदुओं में जल स्तर गिर जाएगा।
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उन्होंने कहा कि अधिकतम जल स्तर 12 लाख क्यूसेक के भीतर बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है ताकि इसे मध्यम बाढ़ के दायरे में रखा जा सके। उन्होंने बताया कि सोमवार को हीराकुंड बांध के आठ और फाटकों को इसके लिए बंद कर दिया था। चूंकि अब हीराकुंड जलाशय में जलस्तर बढ़ रहा है, इसलिए और गेट खोलने पर फैसला मंगलवार दोपहर समीक्षा के बाद लिया जाएगा। 

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