आर्थिक राजधानी कही जाने वाली मुंबई नगरी में बुधवार को वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट-2024 का आयोजन किया गया। इसमें गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल भी शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने रोड शो में व्यापार-उद्योग जगत के अग्रणियों, और विभिन्न देशों के महावाणिज्य दूतों के समक्ष वाइब्रेंट समिट की दो दशकों की शानदार सफलता की गाथा प्रस्तुत की। इस कार्यक्रम में लगभग 35 राजनयिकों और 350 से अधिक उद्योग एवं व्यापार जगत की हस्तियों ने भाग लिया।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इस रोड शो से पहले 13 उद्योग संचालकों के साथ बैठक भी की। जिसमें उन्होंने गुजरात की वाइब्रेंट समिट की सफलता के बारे में जानकारी दी। साथ ही यह भी कहा कि इसके चलते गुजरात विकास का रोल मॉडल बना है।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम नरेन्द्र मोदी द्वारा राज्य के मुख्यमंत्री के तौर पर दो दशक पहले 2003 में शुरू किए गए वाइब्रेंट समिट ने गुजरात को निवेशकों के लिए पसंदीदा स्थल बनाया है। उन्होंने कहा कि इसी के चलते गुजरात का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) 2003 के 1.42 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर आज 2023 में 22.61 लाख करोड़ रुपए हो गया है। इतना ही नहीं, गुजरात की अर्थव्यवस्था देश की विकास दर औसत से अधिक 15 फीसदी की क्युमुलेटिव एनुअल ग्रोथ रेट से बढ़ी है।
मुख्यमंत्री ने इस समिट की सफलता के बारे में बताते हुए कहा कि इस समिट के जरिए दुनिया भर के निवेशक और प्रमुख विचारक एक मंच पर आए हैं। यह समिट बिजनेस नेटवर्किंग, सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए रणनीतिक साझेदारी का वैश्विक मंच बन गई है।
उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारा (DMIC) का 38 फीसदी हिस्सा गुजरात से होकर जाता है। इसके अलावा, बुलेट ट्रेन के लिए मुंबई-अहमदाबाद हाईस्पीड रेल भी निर्माणाधीन है। इन दोनों महत्वपूर्ण परियोजनाओं का बड़ा लाभ गुजरात और मुंबई के लॉजिस्टिक्स सेक्टर और आर्थिक गतिविधियों को मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात में आर्थिक वृद्धि की अगली लहर दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारा, मुंबई-अहमदाबाद हाईस्पीड रेल, गिफ्ट सिटी, ड्रीम सिटी, हाईब्रिड सोलर एंड विंड रिन्यूएबल एनर्जी पार्क और धोलेरा विशेष निवेश क्षेत्र जैसे भविष्य के इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से आएगी।
इस अवसर पर गुजरात के वित्त एवं ऊर्जा मंत्री कनुभाई देसाई, उद्योग मंत्री बलवंतसिंह राजपूत और जगदीश विश्वकर्मा के अतिरिक्त मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव के. कैलाशनाथन और वरिष्ठ सचिवगण भी मौजूद रहे।