फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Climate Change: वर्ष 2023-24 में जंगल में आग के हादसों के पीछे की ये रही वजह, अमेजन में 20 गुना अधिक बढ़ा खतरा

Mon, 19 Aug 2024 10:03 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

वैश्विक स्तर पर आग की गतिविधियों का जायजा लेने वाली एक नई रिपोर्ट के अनुसार, मानव-जनित जलवायु परिवर्तन के कारण दक्षिण अमेरिका के अमेजन वर्षावनों में जंगल में आग लगने की संभावना कम से कम 20 गुना बढ़ गई है, जिसमें मार्च 2023 से फरवरी 2024 तक चरम घटनाओं की पहचान की गई है।
विज्ञापन
अमेजन में 20 गुना अधिक बढ़ा आग लगने का खतरा - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मानव-जनित जलवायु परिवर्तन ने दक्षिण अमेरिका के अमेजन वर्षावनों में आग लगने की संभावना कम से कम 20 गुना बढ़ा दी है। यह खुलासा अर्थ सिस्टम साइंस डेटा जर्नल में प्रकाशित स्टेट ऑफ वाइल्डफायर की रिपोर्ट में हुआ है। इसमें यूके और ब्राजील के शोधकर्ताओं ने वैश्विक स्तर पर मार्च 2023 से फरवरी 2024 तक आग लगने की चरम घटनाओं की समीक्षा की।इसमें ग्रीस (जुलाई 2023 में), अमेजन में सूखे से (सितंबर-नवंबर 2023-जनवरी-फरवरी 2024), हवाई (अगस्त 2023) और चिली ( फरवरी 2024) सहित कनाडा में लगी रिकॉर्ड तोड़ जंगल की आग का अध्ययन किया गया।
विज्ञापन


इसके आधार पर शोधकर्ताओं सहित अंतरराष्ट्रीय टीम ने कहा कि दुनिया भर में जंगल की आग से कार्बन उत्सर्जन औसत से 16 फीसदी अधिक था। यह 8.6 बिलियन टन कार्बन डाइऑक्साइड के बराबर रहा। शोध में यह भी देखा गया कि कनाडा और ग्रीस में जलवायु परिवर्तन की वजह से जंगल की आग में कम से कम क्रमश: तीन गुना और दोगुनी बढ़ोतरी हुई। बीते 150 साल में वायुमंडल में ग्रीनहाउस गैसों में हुई बढ़ोतरी के मानवीय गतिविधियां जिम्मेदार हैं।

दुनिया में एक चौथाई बढ़ा ग्रीन हॉउस गैसों का उत्सर्जन
शोधकर्ताओं के मुताबिक, अमेजन क्षेत्र में वायु की गुणवत्ता धरती पर सबसे खराब थी। वहीं, कनाडा में जंगल की आग की वजह से ग्रीन हॉउस गैसों का उत्सर्जन पिछले दो दशकों के औसत से नौ गुना अधिक था। इसने वैश्विक उत्सर्जन में लगभग एक चौथाई का योगदान दिया। शोधकर्ताओं का कहना है कि अमेजन के उष्णकटिबंधीय वर्षावनों और कनाडा के सुदूर उत्तरी जंगलों से कार्बन के नुकसान का पृथ्वी की जलवायु पर स्थायी असर पड़ता है, क्योंकि 2023-24 जैसे अत्यधिक आग वाले वर्षों के नतीजा यह होगा कि कार्बन को संग्रहीत करने वाले बहुत सारे जंगल और पेड़-पौधे जल जाएंगे। इनके जलने से यह कार्बन वातावरण में निकल जाएगा है। नए पौधों को उगने और फिर से उतनी ही मात्रा में कार्बन संग्रहीत करने में कई साल लग सकते हैं। इससे पर्यावरण में कार्बन डाइऑक्साइड जैसी ग्रीन हाउस गैस की मात्रा बढ़ेगी। ग्रीनहाउस गैसें गर्मी को रोककर धरती को गर्म बनाती हैं।
विज्ञापन


जलवायु परिवर्तन ने बढ़ाए फायर वेदर के हालात
आग का मौसम उन मौसम स्थितियों को दर्शाता है जो जंगल की आग के फैलने और खतरनाक होने की संभावना को बढ़ा देते हैं। इनमें बहुत अधिक तापमान, सूखी हवा, तेज हवाएं और बहुत कम या बिल्कुल भी बारिश न होना शामिल है। जलवायु परिवर्तन की वजह से आग के मौसम की स्थितियां अब पहले से अधिक बार आ रही हैं। यूके के ईस्ट एंग्लिया विश्वविद्यालय के शोधकर्ता मैथ्यू जोन्स के मुताबिक, जलवायु के गर्म होने के साथ जंगल की आग अधिक बार और तेज होती जा रही है। समाज और पर्यावरण दोनों इसके नतीजों के शिकार हैं। कनाडा, अमेजन और ग्रीस की भीषण जंगली आग पर गौर करते हुए शोधकर्ताओं ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के दौर से पहले आग को बढ़ावा देने वाली गर्म और शुष्क परिस्थितियां इन क्षेत्रों में काफी हद तक बदल गई हैं। उदाहरण के लिए कनाडा में इस तरह की चरम आग के मौसम की संभावना लगभग तीन गुना बढ़ गई है। वहीं अमेजन वर्षावन में यह संभावना लगभग 20 से 28 गुना तक बढ़ गई है।
विज्ञापन



विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें