फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'देश में आपातकाल जैसे हालात': सौरव दास बोले- दिल्ली किले में तब्दील; प्रदर्शन से पहले दीपके भी सरकार पर हमलावर

Fri, 09 Oct 2026 06:18 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से पहले सीजेपी नेता सौरव दास ने आरोप लगाया कि देश में आपातकाल जैसे हालात हैं और दिल्ली को किले में बदल दिया गया है। अभिजीत दीपके ने मेट्रो, रेल और सड़कें बंद करने पर सवाल उठाए, जबकि आशुतोष रांका ने महाराष्ट्र में कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने का दावा किया। आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...

विज्ञापन
प्रदर्शन से पहले दीपके ने सरकार पर साधा निशाना - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से पहले कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेताओं ने दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। सीजेपी नेता सौरव दास ने आरोप लगाया कि देश में आपातकाल जैसे हालात बना दिए गए हैं और दिल्ली को किले में बदल दिया गया है। पार्टी के नेताओं ने मेट्रो सेवाएं बंद करने, रेल सेवाएं रोकने और सड़कों पर पाबंदियां लगाने को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि छात्र और युवा शांतिपूर्ण प्रदर्शन के जरिए अपनी बात रखना चाहते हैं, लेकिन उन्हें रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
विज्ञापन


सौरव दास ने दिल्ली को किला बनाने की बात क्यों कही?
सीजेपी नेता सौरव दास ने जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन से पहले कहा कि देश में आपातकाल जैसे हालात हैं और दिल्ली को किले में बदल दिया गया है। उनके बयान का केंद्र प्रदर्शन से पहले की गई सुरक्षा व्यवस्था है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में उन्होंने दिल्ली में किन खास जगहों पर क्या पाबंदियां लगाई गई हैं, इसका विस्तृत ब्योरा नहीं दिया। पार्टी के दूसरे नेताओं ने भी प्रशासन की तैयारियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले युवाओं के साथ इस तरह का व्यवहार नहीं होना चाहिए।

अभिजीत दीपके ने मेट्रो और रेल सेवाओं पर क्या सवाल उठाए?
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि अधिकारियों को खुद से पूछना चाहिए कि मेट्रो सेवाएं क्यों बंद की जा रही हैं, रेल सेवाएं क्यों रोकी जा रही हैं और सड़कें क्यों बंद की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन में शामिल होने वाले छात्र और युवा अपने मौलिक अधिकारों का इस्तेमाल करना चाहते हैं। वे शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराना चाहते हैं। दीपके ने सवाल उठाया कि इन युवाओं के साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया जा रहा है, जैसे वे पाकिस्तान से आए हों या देश के दुश्मन हों। उन्होंने प्रशासन की सख्ती पर आपत्ति जताई।
विज्ञापन


कश्मीर और नक्सल प्रभावित इलाकों से सुरक्षा बल दिल्ली क्यों लाने का दावा किया गया?
दीपके ने दावा किया कि सुरक्षा बलों को कश्मीर और नक्सल प्रभावित इलाकों से हटाकर दिल्ली लाया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि युवाओं के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए इतनी बड़ी सुरक्षा व्यवस्था क्यों की जा रही है। उनके मुताबिक, सरकार देश के युवाओं, खासकर जेन जी से डर रही है। हालांकि, उपलब्ध बयान में सुरक्षा बलों की संख्या, उन्हें कहां से दिल्ली लाया गया और इस संबंध में प्रशासन की ओर से क्या आदेश दिए गए, इसकी जानकारी नहीं है। इसलिए इस दावे को दीपके के आरोप के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

अभिजीत दीपके ने गिरफ्तारी को लेकर सरकार को क्या चुनौती दी?
दीपके ने सरकार पर युवाओं से डरने का आरोप लगाते हुए उसे कायर बताया। उन्होंने कहा कि अगर उनकी गिरफ्तारी से देश की सभी समस्याएं हल हो सकती हैं, तो सरकार उन्हें गिरफ्तार कर ले। उनके इस बयान में सरकार को सीधी चुनौती दी गई। दीपके ने अपने बयान में यह भी कहा कि छात्र और युवा अपने मौलिक अधिकारों के तहत शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना चाहते हैं। उनके मुताबिक, ऐसे प्रदर्शनकारियों को देश का दुश्मन मानकर कार्रवाई करना उचित नहीं है। यह सरकार और प्रशासन की कार्रवाई पर उनका राजनीतिक आरोप है।

महाराष्ट्र में सीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ क्या होने का दावा किया गया?
सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता किसी बात से डरने वाले नहीं हैं और आखिर में डर दूसरी तरफ के लोगों को लगेगा। महाराष्ट्र का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि वहां पार्टी के कई स्वयंसेवकों को हिरासत में लिया गया। रांका के मुताबिक, कुछ कार्यकर्ताओं को ट्रेन में चढ़ने के बाद नीचे उतार दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र सरकार भी डर और घबराहट में ऐसे कदम उठा रही है। हालांकि, उपलब्ध बयान में हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या, जगह और कार्रवाई की तारीख का पूरा विवरण नहीं दिया गया है।
विज्ञापन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें