बोबडे ने कहा कि कोविड-19 वैश्विक महामारी ने अदालतों में सामान्य भौतिक सुनवाई के लिए बड़ी चुनौती खड़ी की है और इसके विकल्प में वर्चुअल सुनवाई एक उचित समाधान नहीं बन पाई है। उन्होंने कहा कि इसने लोगों को दो वर्गों में बांट दिया है, जिनकी तकनीक तक पहुंच है और जिनकी नहीं है।
उन्होंने कहा, हमने कोशिश की कि सुप्रीम कोर्ट को प्रतिबंधों के साथ चलाया जाए लेकिन हमने महसूस किया कि इस तरह से अदालत का सुरक्षा के साथ संचालन जारी रखना संभव नहीं था। यह महामारी कुछ ऐसी थी जैसे आसमान गिरा हो। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया जा रहा था।
मुख्य न्यायाधीश ने आगे कहा, इन सब के बाद भी, जैसा कि न्याय के क्षेत्र में एक पुरानी कहावत है कि न्याय होना चाहिए भले ही आसमान क्यों न गिर रहा हो। उन्होंने आगे कहा कि मैं बहुत गर्व के साथ यह कह रहा हूं कि हमने इस बात को सुनिश्चित करने में सफलता पाई है कि कानून का शासन बना रहे।