उच्चतम न्यायालय के मुख्यन्यायाधीश रंजन गोगोई ने राष्ट्रीय नागरिक पंजी (नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स, एनआरसी) को भविष्य के लिए आधार दस्तावेज बताया है। इसके साथ ही उन्होंने एनआरसी लागू किए जाने के दौरान बिगड़े हालातों का जिम्मेदार कुछ मीडिया संस्थानों की गैर जिम्मेदाराना रिपोर्टिंग को बताया। उन्होंने एनआरसी को लेकर यह बात 'पोस्ट कॉलोनियल असम' किताब के विमोचन कार्यक्रम में कही।
उन्होंने कहा कि इसे लेकर की गई कुछ मीडिया संस्थानों की गैर जिम्मेदाराना रिपोर्टिंग से स्थिति और खराब हो गई। हालांकि कुछ हद तक अवैध प्रवासियों की संख्या का पता लगाने की तत्काल आवश्यकता थी, जो कि एनआरसी को लागू करने के मौजूदा प्रयास का हिस्सा था। इसमें कुछ भी कम या ज्यादा नहीं होना था।