कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने पूछताछ के लिए ईडी के सामने पेश होने के लिए कुछ दिन की मोहलत मांगी है। बता दें कि ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग और साल 2011 में चीनी नागरिकों को वीजा जारी कराने के मामले में कार्ति चिदंबरम को समन जारी किया था। अब कार्ति चिदंबरम ने आरोप लगाया है कि ईडी द्वारा जो दस्तावेज मांगे जा रहे हैं, वह मामले से बिल्कुल भी संबंधित नहीं हैं और उन्हें मांगे गए दस्तावेज इकट्ठा करने के लिए समय चाहिए।
ईडी ने पहले कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम को 12 दिसंबर को जांच अधिकारी के सामने पेश होने का निर्देश दिया था। इस पर कार्ति चिदंबरम ने संसद के शीतकालीन सत्र में शामिल होने का हवाला देकर पूछताछ के लिए पेश होने में असमर्थता जताई। इस पर ईडी ने 16 दिसंबर को कार्ति को जांच अधिकारी के सामने पेश होने का आदेश दिया। अब मांगे गए दस्तावेज इकट्ठा करने का हवाला देकर कार्ति चिदंबरम ने एक बार फिर पूछताछ के लिए पेश ना होने में असमर्थता जताई।
कार्ति ने अपने वकील के माध्यम से ईडी को 100 पेज का जवाब भेजा है। इस जवाब के साथ उन्होंने अपना चुनावी हलफनामा, आयकर रिटर्न, बैंक खाते की जानकारी और अचल संपत्ति संबंधी दस्तावेज भी संलग्न किए हैं। कार्ति ने एजेंसी द्वारा मांगे गए सभी दस्तावेज इकट्ठा करने के लिए ईडी के सामने पेश होने में कुछ दिन की छूट मांगी है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि ईडी ने कार्ति चिदंबरम की अपील पर विचार किया है या नहीं। कांग्रेस सांसद ने कहा कि जो दस्तावेज मांगे गए हैं, उनका मामले से कोई लेना-देना नहीं है और इस मामले में उनके और उनके परिवार से संबंधित वित्तीय दस्तावेज मांगने की कोई जरूरत नहीं है।
बता दें कि कार्ति चिदंबरम पर आरोप है कि उन्हें और उनके करीबी सहयोगी एस भास्कररमन को 50 लाख रुपये दिए गए थे। यह रकम वेदांता ग्रुप की कंपनी टीएसपीएल द्वारा दिया गया था। यह कंपनी पंजाब में पावर प्लांट लगा रही थी। इस मामले में सीबीआई ने मामला दर्ज किया था और अब ईडी इसकी जांच कर रही है।